दिग्विजय की बागियों को वापसी की सलाह, स्टिंग पर कुछ नहीं
- भाजपा पर लोकतंत्र का गला घोंटने का लगाया आरोप।
- भाजपा पर उन्होंने दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
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जयराम आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के जन्मदिन समारोह में भाग लेने पहुंचे दिग्विजय सिंह मंगलवार की शाम जयराम आश्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि झूठे वादे कर सत्ता में आई भाजपा अब कांग्रेस शासित राज्यों की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर कर रही है जो लोकतंत्र की मर्यादाओं का अपमान है।
उच्च न्यायालय के फैसले का भी उन्होंने स्वागत किया साथ ही कांग्रेस के नाराज विधायकों से वापस आकर अपनी बात कहने की भी सलाह दी।
'सीडी कार्रवाई का आधार तो पहले शिवराज के खिलाफ हो'
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सीडी की वैधता पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे लेकिन अगर ये बातें ही कार्रवाई का आधार बनती हैं तो केंद्र सरकार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ पहले कार्रवाई करनी चाहिए जिनके खिलाफ व्यापम घोटाले में पर्याप्त सुबूत हैं। भाजपा पर उन्होंने दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
पार्टी हाईकमान के हरीश रावत के साथ होने के अभी तक कोई संकेत नहीं मिलने, बगावत करने वाले विधायकों की मांग के अनुरूप क्या पार्टी हाईकमान हरीश रावत को बदल सकता है इस बारे में पूछे जाने पर दिग्विजय सिंह कोई भी टिप्पणी करने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि इसका जवाब तो पार्टी की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी व पार्टी हाईकमान ही दे सकते हैं।