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नोटबंदी से मंदा हुआ ये धंधा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:50 AM IST
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- फोटो : demo pic
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नोटबंदी के चलते रियल एस्टेट धंधा मंदा पड़ गया है। इस बात की तस्दीक जनवरी में हुई जमीन रजिस्ट्रयां खुद करती हैं। पिछले साल के सापेक्ष इस साल जनवरी 2017 में 11,762 रजिस्ट्रियां कम हुई हैं।
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हालांकि प्रॉपर्टी कारोबारियों को अभी भी इसमें काफी संभावनाएं दिख रही हैं। यही कारण है कि अभी तक प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी गिरावट के संकेत नहीं मिले हैं। इस साल जनवरी में देहरादून जिले के विभिन्न सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में 45,024 रजिस्ट्रियां हुईं।
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पिछले साल जनवरी में यह आंकड़ा 56,786 का था। इसी तरह दिसंबर 2015 में 52 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां की गई थीं, जो दिसंबर 2016 में सिमटकर 48 हजार रह गई। नवंबर 2015 में 45,575 रजिस्ट्रियां हुई थीं। नवंबर 2016 में यह कारोबार 38,577 रजिस्ट्रियों पर ठहर गया।
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लक्ष्य 519 करोड़, हासिल 313 करोड़
इस वित्तीय वर्ष में नवंबर से जनवरी तक रजिस्ट्रियों की संख्या में गिरावट रही। जिससे मार्च तक भी राजस्व लक्ष्य हासिल करना मुश्किल दिख रहा है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने देहरादून जिले का कुल राजस्व लक्ष्य 519 करोड़ रुपये रखा है, जबकि अब तक करीब 313 करोड़ रुपये का राजस्व ही मिल पाया है। ऐसे में वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक यह लक्ष्य हासिल करना असंभव दिख रहा है।
बड़े धंधों को बड़ा झटका
जो रजिस्ट्रियां अभी हो रही हैं, वह छोटे प्लॉट, फ्लैट, भवन आदि की ही हैं। बताया जा रहा है कि बड़े सौदों पर एक तरह का ब्रेक सा लग गया है।
अभी तक राजस्व लक्ष्य का 60 फीसद ही हासिल किया जा सका है। इसमें कोई संदेह नहीं कि रजिस्ट्रियों की रफ्तार थम सी गई है। लक्ष्य हासिल करना चुनौती बन गया है।
- वीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)