उच्च हिमालयी गांवों में फंसे लोगों को मिली राहत, राशन पहुंचाने के लिए प्रशासन ने भेजा हेलीकॉप्टर
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बृहस्पतिवार को जारी हाईकोर्ट के आदेश के बाद रविवार को सीमांत क्षेत्र के व्यास घाटी में राशन पहुंचाने और वहां फंसे लोगों को लाने का काम शुरू किया जा सका। हेलीकाप्टर के जरिए सात फेरे लगाकर 36 लोगों को धारचूला लाया गया और जरूरी राशन उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों तक पहुंचाया गया।
नागरिक उड्डयन विभाग देहरादून की ओर से भेजा गया हेलीकॉप्टर रविवार सुबह नौ बजे यहां पहुंचा। एसडीएम राजकुमार पांडेय ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने रविवार को व्यास घाटी के सीमांत गांव में कुल सात उड़ानें भरीं। गुंजी से 31 और बूंदी गांव से पांच लोगों को धारचूला लाया गया। इस तरह कुल 36 लोगों को धारचूला लाया गया।
हेलीकॉप्टर से गुंजी को सात क्विंटल गेहूं, 72 लीटर रिफाइंड तेल, एक क्विंटल नमक, 1.20 क्विंटल दाल, छह किलो मसाले, छह किलो दूध पाउडर, एक क्विंटल चीनी, पांच किलो चायपत्ती और 20 किलो प्याज पहुंचाया गया।
इसी तरह गर्ब्यांग के लिए पांच क्विंटल गेहूं, एक क्विंटल चीनी, 50 किलो नमक, 60 किलो दाल, 40 लीटर रिफाइंड तेल, 20 किलो प्याज, दो किलो मसाले, 3.5 किलो चायपत्ती और 3.5 किलो दूध पहुंचाया। बूंदी गांव के लिए 1.5 क्विंटल गेहूं, 50 किलो नमक, दो किलो मसाले, चार किलो दूध, एक क्विंटल चीनी, चार किलो चायपत्ती, 36 लीटर रिफाइंड तेल, 20 किलो प्याज, 60 किलो दाल और सौ डिबिया माचिस की पहुंचाई गई। हेलीकॉप्टर ने गुंजी को चार, गर्ब्यांग को दो और बूंदी के लिए एक उड़ान भरी।
याचिकाकर्ता की देखरेख में भेजी गई रसद
याची महेंद्र बुदियाल की याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने 24 घंटे के अंदर सीमांत क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में राशन पहुंचाने का आदेश दिया था। शुक्रवार और शनिवार का पूरा दिन प्रशासन निर्देशों का इंतजार ही करता रह गया था। संपर्क मार्ग ध्वस्त होने के कारण कई गांव संपर्क विहीन हैं।
एसडीएम पांडेय और याचिकाकर्ता महेंद्र सिंह बुदियाल की देखरेख में व्यास घाटी के गांवों में रसद सामग्री भेजी जा रही है। हैलीपेड में पुष्कर बोनाल, कृष्ण सिंह कुंवर, पटवारी हुकुम सिंह धामी, पटवारी गुंजी दिनेश जोशी भी रसद सामग्री भेजने में सहयोग कर रहे हैं। व्यास के सहायक पूर्ति निरीक्षक पुष्कर बोनाल ने बताया कि गेहूं, चीनी गांव के लोगों को सरकारी मूल्य में उपलब्ध कराई जाएगी। शेष सामग्री बाजार मूल्य में दी जाएगी।
जब तक व्यास घाटी से सभी लोग धारचूला नहीं आ जाते हैं और प्रभावित क्षेत्र में रहने वालों के लिए पर्याप्त राशन की व्यवस्था नहीं होती है, तब तक हेलीकॉप्टर सेवा बरकरार रहनी चाहिए।
याची महेंद्र सिंह बुदियाल