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अरे, यहां ये क्या दिख गया, जिसे देखने के लिए लग रहा लोगों का जमावड़ा

Tue, 20 Mar 2018 11:38 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, भीमताल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, भीमताल Updated Tue, 20 Mar 2018 11:38 PM IST
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Rare creature Indian Luna moth found in Bhimtal uttarakhand
Indian Luna moth

यहां एक ऐसी चीज दिख गई, जिसे देखने के लिए अब लोगों का जमावड़ा लग रहा है। सेब, बुरांश के फूलों, फलों को नुकसान पहुंचाने वाली हानिकारक इंडियन लूना मॉथ (तितली जैसी शलभ) भीमताल पहुंचने लगी है। हानिकारक इंडियन लूना मॉथ डोब ल्वेशाल स्थित ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के डीन आरसीएम मेहता के बगीचे में देखी गई है।

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इस मॉथ की सुंदरता को देख हर कोई इसे देखने डीन आरसीएम मेहता के घर पहुंच रहा है। कॉलेज के डीन ने बताया यह दुर्लभ मॉथ शनिवार से उनके घर में बने बगीचे में ही है। इस मॉथ की सुंदरता देखने तमाम लोग उनके आवास पर पहुंचे।
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इधर, पंतनगर विश्वविद्यालय से कीट विज्ञान में शोध कर रहीं रश्मि जोशी ने बताया कि इस मॉथ को इंडियन लूना मॉथ या मौन मॉथ के नाम से जाना जाता है। यह रात में ज्यादा सक्रिय रहती है।

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पर्यटन सीजन में इन क्षेत्रों में होती है बर्ड वाचिंग

Rare creature Indian Luna moth found in Bhimtal uttarakhand
Indian Luna moth

बेहद सुंदर दिखती है। यह लूना मॉथ जापान, बांग्लादेश, नेपाल में भी पाई जाती है। रश्मि ने बताया कि यह मॉथ सेब, बुरांश के बीजों, फलों को नष्ट कर देती है। इसलिए इसे हानिकारक प्रजाति माना जाता है, हालांकि इस मॉथ की कम संख्या, सीमित अवधि का ठहराव प्राकृतिक नियंत्रण के हिसाब से पौधों के लिए लाभदायक भी हो सकता है।

पर्यटन सीजन में इन क्षेत्रों में होती है बर्ड वाचिंग
सातताल, भीमताल, नौकुचियाताल, जून स्टेट, पंगोट में मार्च से जून तक देशी, विदेशी सैलानी पक्षी देखने पहुंचते हैं लेकिन कुछ सालों से पेड़ों के कटान, निर्माण होना, जीवों को मारने से देशी-विदेशी जीवों का आना कम हो गया है। पक्षी प्रेमी डॉ. आशीष बिष्ट बताते हैं कि इन क्षेत्रों में कुछ सालों तक देश-विदेश की चिड़िया आती थी, लेकिन अब इनकी संख्या बेहद कम हो चुकी है, जो चिंता का विषय है।

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