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राम से युद्घ के लिए ढाई दिन में तैयार हुई रावण की सेना

Sat, 20 Sep 2014 11:16 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 20 Sep 2014 11:16 AM IST
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ramleela prepration in dehradun

राजधानी देहरादून में दशहरे के लिए रावण तैयार है। ऐसा पहली बार है कि ढाई दिनों में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के साथ लंका नगरी को तैयार किया गया है।

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हरियाणा से आए 25 कलाकारों ने बहुत कम समय में आकर्षक रूप-रंगों में इन पुतलों को तैयार किया है। दशहरे के दिन परेड ग्राउंड में होने वाले लंका दहन के लिए 60 फुट का रावण, 55 फुट के कुंभकरण और 50 फुट के मेघनाथ के पुतले बनाए गए हैं।
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इस बार लोगों को यहां 25 फुट ऊंची लंका नगरी भी जलती दिखाई देगी। बन्नू स्कूल रेस्ट कैंप में दशहरे के लिए पुतलों के साथ ही लंका नगरी बनकर तैयार है।

इस बार रावण नहीं पहनेगा जूता

ramleela prepration in dehradun

इस बार रावण के पुतले में बहुत कुछ नया देखने को मिलेगा। पहले रावण के पुतले के पांव में जूते होते थे। इस बार केवल पांव ही रहेगा। बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी के संतोख नागपाल ने बताया कि इस बार हर साल से बेहतर लंका दहन लोगों को देखने को मिलेगा।

हरियाणा के कलाकारों कमाल
हरियाणा से पुतला बनाने आए मनोज कुमार ने बताया कि वह हर बार पुतलों को कुछ नया रूप देने की कोशिश करते हैं। सबसे बड़ा पुतला दिल्ली रामलीला मैदान के लिए बनाते हैं। बताया कि उनके साथ पत्नी, बच्चे, भाई, बहन, सभी पुतला बनाने में सहयोग करते हैं।

सालों से बना रहे हैं इसलिए अब पुतलों को बनाने में समय नहीं लगता। देहरादून में दूसरी बार पुतला बनाने आए हैं। बताया कि उन्हें पुतला बनाने का ठेका ढाई लाख में मिला है।

इसमें सारा सामान उसी का है। केवल रहने का प्रबंध कमेटी का ओर से किया गया है। मनोज के साथ काम कर रही उनकी पत्नी मालती ने बताया कि यह सीजन उनकी कमाई का होता है। दशहरा के बाद वह अपने गांव महेंद्रगढ़ चले जाएंगे।

हर साल इस सीजन पर वह केवल परिवार के लोगों को काम पर लगाते हैं। इसलिए पहले ही रिश्तेदारों को बता दे देते हैं। मनोज जहां भी पुतला बनाने जाते है बच्चों को भी साथ लेकर जाते हैं। इनका कहना है कि बच्चे हमें देखकर ही सीखेंगे। पुतलों को बनाने में बच्चों ने खूब मेहनत की है।

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