CBI भी नहीं जान पाई, कहां गए रामदेव के गुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) भी बाबा रामदेव के गुरु स्वामी शंकर देव जी महाराज का सुराग नहीं लगा पाई। जांच एजेंसी मामले की 25 फरवरी 2013 से जांच कर रही थी।
बुधवार को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई की अदालत में जांच एजेंसी ने फाइनल रिपोर्ट (एफआर) जमा कर दी है। बताया गया कि मामले से संबंधित पत्रावलियां और अभिलेख दो बक्सों में बंद करके कोर्ट में जमा कराया गया है। बृहस्पतिवार को कोर्ट इस मामले में कोई फैसला ले सकती है।
बालकृष्ण ने कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने 16 जुलाई वर्ष 2007 को हरिद्वार जिले के थाना कनखल में स्वामी शंकर देव की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि स्वामी शंकर देव (निवासी कृपालु बाग आश्रम) अचानक कहीं चले गए हैं।
शुरुआत में मामले की जांच पुलिस ने की, लेकिन सुराग नहीं मिलने पर 10 अप्रैल 2012 को फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी। बाद में गुमशुदगी मामले को अपहरण में दर्ज किया गया।
उत्तराखंड सरकार ने की थी CBI जांच की सिफारिश
राज्य सरकार ने अक्तूबर 2012 में इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जांच एजेंसी ने 25 फरवरी 2013 से विधिवत जांच शुरू की थी।
बुधवार को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्र मोहन पांडे की अदालत में जांच एजेंसी ने फाइनल रिपोर्ट सौंप दी। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने जांच रिपोर्ट कई हजार पन्नों में दर्ज की है। एजेंसी ने प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों का दो बक्सा भी अदालत में पेश किया है।
इनका है कहना
सीबीआई को मामले में कोई साक्ष्य नहीं मिला होगा। इसीलिए फाइनल रिपोर्ट लगाकर जांच बंद कर दी गई है। रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर कोर्ट इसे खारिज कर सकता है और आगे कार्रवाई का आदेश दे सकता है।
-चंद्रशेखर तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता