राम मंदिर भूमि पूजन: चारों धामों की मिट्टी और गंगाजल लेकर स्वामी परमानंद के साथ अयोध्या रवाना हुए संत
श्री राम मंदिर भूमि पूजन के लिए आज उत्तराखंड से चारों धामों की मिट्टी और गंगाजल लेकर संत आज हरिद्वार से अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य एवं अखंड परम धाम आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी परमानंद सरस्वती महाराज चारों धामों की मिट्टी के साथ ही गंगा का जल, उत्तराखंड की पवित्र नदियों का जल और कैलाश पर्वत से लाए गए कंकड़-पत्थर को लेकर हरिद्वार से अयोध्या के लिए रवाना हुए हैं।
उनके आश्रम के द्वारा मंदिर निर्माण के लिए ग्यारह लाख का चेक भी दिया गया है। उनके एक शिष्य ने सवा लाख का चेक और कैलाश पर्वत से कंकड़ पत्थर लाकर उन्हें सौंपे हैं। अयोध्या रवाना होने से पहले आश्रम में पूजा पाठ किया गया और फिर बड़ी खुशी और हर्षोल्लास के साथ स्वामी परमानंद सरस्वती अपने सहयोगी संतो के साथ अयोध्या के लिए रवाना हुए। अयोध्या जाते समय उनके आश्रम का माहौल राममय हो गया। राम भक्तों ने जमकर भगवान श्री राम के जय घोष लगाए और घंटे, शंख बजाकर उन्हें रवाना किया गया।
अब काशी और मथुरा भी चाहिए
इस मौके पर उन्होंने कहा है कि लगभग तीन सालों में मंदिर तैयार होने की संभावना है। अगर इस दौरान राजनीतिक कारणों से मंदिर निर्माण में ढिलाई बरती गई तो वे विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर के बाद संतो को काशी विश्वनाथ और मथुरा चाहिए। सभी संतो की अब यही इच्छा है।
उन्होंने कहा है कि हमें बहुत खुशी हो रही है हमारे आराध्य से जुड़ा हुआ विवाद लंबे समय के बाद ही सही लेकिन हल हो गया है। वे आज अयोध्या पहुंच जाएंगे कल से गणेश पूजा में भाग लेंगे और पांच अगस्त को मंदिर के शिलान्यास पूजा के बाद वापस हरिद्वार आएंगे।