आफत की बारिश तिमली गांव पर कहर बनकर टूट रही है। शनिवार और रविवार को बारिश के बीच गांव में नौ कच्चे मकान धराशायी हो गए। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में आने से कोई घायल नहीं हुआ। इससे पहले भी गांव में 15 कच्चे मकान टूट गए थे। बारिश के चलते गांव में अन्य कच्चे मकानों के भी गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मकानों की मरम्मत के लिए मुआवजे की मांग की है। विकासनगर ब्लॉक के सीमांत गांव तिमली में लगातार बारिश के चलते लोगों का जीना मुहाल हो गया है। यहां अधिकतर मकान कच्चे और काफी पुराने हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू कुमार ने बताया शनिवार और रविवार को सलीम, समीना, जहूर, साहिदा, इरफान, गुलजार, हनीफ, नूतन और हमीदा के कच्चे मकान टूट गए। इन लोगों को क्षतिग्रस्त मकानों में रहने में डर लग रहा है। उन्होेंंने कहा कि प्रशासन को मकानों की मरम्मत के लिए मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि बीते सप्ताह भी बारिश के कारण 15 मकानों क्षतिग्रस्त हुए थे। प्रशासन की टीम ने नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार की थी। अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। गांव में मकान क्षतिग्रस्त होने से लोग डरे हुए हैं।एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार ने बताया कि गांव में टीम भेजी जा रही है। नुकसान के आकलन के उपरांत पीड़ितों को नियमानुसार राहत धनराशि मुहैया करवाई जाएगी।

तिमली मेंं बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुआ कच्चा मकान। स्रोत : ग्रामीण