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उत्तराखंड में तबाही: देहरादून जिले में बारिश ने तोड़ा पिछले एक दशक का रिकॉर्ड, यहां सबसे ज्यादा हुई बरसात

Sun, 21 Aug 2022 08:37 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 21 Aug 2022 08:37 AM IST
सार

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो देहरादून जिले में साल 2012 में अगस्त माह में सबसे अधिक 190.3 मिमी, 2013 में 104 मिमी, साल 2014 में 135.5 मिमी, 2018 में 127 मिमी, 2019 में 126 मिमी, 2020 में 109.2 मिमी और साल 2021 में 90.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 12 घंटों में नरेंद्रनगर में 190 मिमी और चोरगलिया में 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

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Rain broke the record of the last decade in Dehradun district
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून जिले में शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे से शनिवार की सुबह साढ़े आठ बजे तक हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले 12 घंटे में ऋषिकेश में सबसे अधिक 290 मिमी तो सहस्रधारा में 230 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो देहरादून जिले में साल 2012 में अगस्त माह में सबसे अधिक 190.3 मिमी, 2013 में 104 मिमी, साल 2014 में 135.5 मिमी, 2018 में 127 मिमी, 2019 में 126 मिमी, 2020 में 109.2 मिमी और साल 2021 में 90.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले 12 घंटों में नरेंद्रनगर में 190 मिमी और चोरगलिया में 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक और वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक विक्रम सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने और लो प्रेशर लाइन के उत्तराखंड पहुंचने की वजह से ऐसी तबाही मची है। गनीमत रही कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। यदि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता तो और अधिक मूसलाधार बारिश होने के साथ ही भारी तबाही होती। उन्होंने बताया कि अगले चौबीस घंटे में बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी।
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सरखेत में नहीं हुई बादल फटने की घटना
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि सरखेत इलाके में बादल फटने जैसी घटना नहीं हुई है। यहां पिछले 12 घंटे के भीतर बहुत अधिक बारिश होने की वजह से तबाही का मंजर देखने को मिला है। उनके अनुसार जब एक क्षेत्र विशेष में एक घंटे के भीतर सौ मिलीमीटर बारिश होती है तो मौसम विज्ञान की भाषा में इसे बादल फटना कहा जाता है। जबकि सरखेत में ऐसा कुछ नहीं हुआ।

राज्य में कहां कितनी मिमी बारिश 

-ऋषिकेश - 290 मिमी 
-मसूरी 140 मिमी  
-चकराता- 100 मिमी,
-देहरादून - 50 मिमी
-सहस्रधारा- 230 मिमी 
-रायवाला - 100 मिमी
-करनपुर - 90 मिमी
-सहसपुर - 70 मिमी 
-नरेंद्रनगर - 190 मिमी 
-उत्तरकाशी - 120 मिमी
-खटीमा - 160 मिमी 
-हरिद्वार - 100 मिमी
-कालाडूंगी - 140 मिमी 
-बूढ़ाकेदार - 140 मिमी 
-नैनीताल-140 मिमी 
-काशीपुर - 140 मिमी 
-यमकेश्वर- 120 मिमी 
-चोरगलिया -160 मिमी
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