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केदारनाथः खराब मौसम ने रोकी शिव भक्तों की राह
ब्यूरो / अमर उजाला, केदारनाथ
Updated Wed, 08 Jul 2015 11:24 AM IST
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मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान और पैदल रास्ते के जंगलचट्टी में अवरुद्ध होने से तीसरे दिन भी बाबा केदार की पैदल यात्रा नहीं हो पाई। उधर, बुधवार सुबह तक भी यात्रा के शुरू होने की कोई संभावना नहीं दिखाई दी। यात्रा नहीं चलने से तीर्थयात्रियों को सोनप्रयाग में ठहरना पड़ा। यात्रा के बाधित होने से पड़ावों पर भी सन्नाटा पसरा है।
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बुधवार को बद्रीनाथ और हेमकुंड यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू रही। आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। मंगलवार रात भी बदरीनाथ और हेमकुंड में बारिश नहीं हुई थी। बुधवार सुबह 9 बजे तक हेमकुंड साहिब के लिए गोविंद घाट से 163 यात्री घांघरिया के लिए रवाना हुए। इसके साथ ही 254 यात्री बद्रीनाथ धाम पहुंचे।
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केदारनाथ और केदारघाटी में मंगलवार तड़के चार बजे से ही घना कोहरा छाने और रुक-रुककर होती बारिश ने पैदल यात्रियों की राह रोक दी। प्रात: छह बजे सोनप्रयाग में कुछ यात्री बैरियर पर पहुंचे भी, लेकिन प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
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प्रात: 10 बजे तक इंतजार के बाद भी मौसम के नहीं खुलने पर यात्री अपने ठिकानों में लौट गए। सोनप्रयाग के सेक्टर मजिस्ट्रेट संदीप कुमार मौर्य ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए और गौरीकुंड-जंगलचट्र्टी के बीच रास्ते के खराब होने से किसी भी यात्री को आगे नहीं जाने दिया गया है। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जिसके बारे में जिला प्रशासन को भी समय-समय पर अवगत कराया जा रहा है।
पैदल पड़ावों पर पसरा सन्नाटा
तीन दिन से केदारनाथ पैदल यात्रा के बंद होने से गौरीकुंड बाजार में सन्नाटा पसरा है। जंगलचट्टी, भीमबली और लिनचौली में प्रशासन, पुलिस और एसडीआरफ के जवानों के अलावा कोई यात्री नजर नहीं आ रहा है। गौरीकुंड से पैदल रास्ते पर सिर्फ जरूरत के हिसाब से घोड़ा-खच्चरों से इन पड़ावों और केदारनाथ में सामान पहुंचाया जा रहा है।
अब भी गिर रहे जंगलचट्टी में पत्थर
जंगलचट्टी में पहाड़ी से पत्थरों के गिरने के सिलसिला बना हुआ है। यहां पर चट्टान का एक बड़ा हिस्सा तीन दिन पहले ढह गया था। इससे गदेरे पर बनी पुलिया भी टूट गई थी।
कई बड़े पत्थर पुलिस चौकी से लेकर जीएमवीएन के हट्स तक भी पहुंच चुके हैं। जंगलचट्टी में गढ़वाल मंडल विकास निगम के 10, पुलिस के पांच और सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित प्रशासन के तीन लोग ड्यूटी पर तैनात हैं। जबकि एक दुकानदार भी है।
हेलीकॉप्टर ने भरी उड़ान
मंगलवार को पल-पल बदलते मौसम के बीच गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। पिनकल और सुमित एविएशन कंपनी के दो हेलीकॉप्टरों से 101 यात्री केदारनाथ पहुंचे, जिसमें 53 यात्री लौट आए थे।
शेष खराब मौसम के कारण धाम में ठहर गए। कपाट खुलने के बाद से अब तक 112997 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच चुके हैं। मौसम और अन्य कारणों से 15 दिनों में बाबा केदार की यात्रा व्यापक रूप से प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान और जंगलचट्टी में रास्ते के अवरुद्ध होने से पैदल यात्रा को तीसरे दिन भी रोका गया। बुधवार को भी केदारनाथ की पैदल यात्रा पूरी तरह से मौसम पर निर्भर है। जिस प्रकार से भी परिस्थितियां होंगी, उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
- डॉ. राघव लंगर, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग