फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rahul Gandhi returned from Uttarakhand political rhetoric not stop Former CM Trivendra statement goes viral

Uttarakhand: राहुल गांधी लौटे, पर थमी नहीं सियासी बयानबाजी, इस पूर्व सीएम का बयान सोशल मीडिया पर वायरल

Sun, 12 Nov 2023 02:23 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 12 Nov 2023 02:23 PM IST
सार

सियासी बयानबाजी से जुदा राहुल गांधी अपनी पूरी धार्मिक यात्रा में राजनीति से दूर रहे। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिसे राजनीति जोड़ा जाए। राहुल अपनी धार्मिक यात्रा करके नई दिल्ली लौट गए, लेकिन उन्हें लेकर कहीं न कहीं से कोई न कोई बयान चर्चा में आ ही जाता है।

विज्ञापन
Rahul Gandhi returned from Uttarakhand political rhetoric not stop Former CM Trivendra statement goes viral
राहुल गांधी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी केदारनाथ की धार्मिक यात्रा करके लौट चुके हैं, लेकिन राज्य में उनकी यात्रा को लेकर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। केदारनाथ पहुंचने पर राहुल गांधी के खिलाफ मोदी-मोदी के नारे लगे थे।

विज्ञापन


ये नारे लगाने वाले कौन लोग थे, ये कोई नहीं जानता। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस ने इसे भाजपा द्वारा प्रायोजित विरोध करार दिया था। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस में एक-दूसरे के खिलाफ खूब बयानबाजी हुई। भाजपा ने इसे तीर्थयात्रियों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया।

विज्ञापन

इस सियासी बयानबाजी से जुदा राहुल गांधी अपनी पूरी धार्मिक यात्रा में राजनीति से दूर रहे। उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिसे राजनीति जोड़ा जाए। राहुल अपनी धार्मिक यात्रा करके नई दिल्ली लौट गए, लेकिन उन्हें लेकर कहीं न कहीं से कोई न कोई बयान चर्चा में आ ही जाता है। अब सोशल मीडिया में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक बयान की चर्चा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...दिवाली पर उत्तराखंड में बड़ा हादसा: उत्तरकाशी में भूस्खलन से सुरंग में फंसे मजदूर, संकट में कई जानें, तस्वीरें

त्रिवेंद्र कह रहे हैं, राहुल के साथ पंडा पुरोहितों ने विरोध किया या उनके कुछ अन्य विरोधी लोग वहां मौजूद थे, ये किसने किया, जांच का विषय है। लेकिन सैद्धांतिक रूप से मैं यह कहना चाहूंगा कि जितने भी हमारे धार्मिक स्थल हैं, वहां इस तरह का वातावरण नहीं बनना चाहिए। चाहे वहां कोई भी जाए। आस्था जिनकी भी है, वे वहां जा सकते हैं।

बता दें कि जब त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री थे, पंडा पुरोहितों ने चारधाम देवस्थानम बोर्ड के विरोध में उनके खिलाफ नारेबाजी की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed