हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के दौरान सीनियर ने जूनियर छात्र के जड़ा थप्पड़, कान का पर्दा फटा
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उत्तराखंड में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों ने गुरुवार को द्वितीय वर्ष के छात्रों की रैगिंग करने के बाद पिटाई कर दी। एक छात्र को इतना तेज थप्पड़ जड़ा कि उसके कान का पर्दा फट गया। द्वितीय वर्ष के छात्रों ने देर शाम प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर रैगिंग की लिखित शिकायत की।
जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार की दोपहर में तृतीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के छात्रों में रैगिंग को लेकर विवाद हुआ था। देर शाम तृतीय वर्ष के छात्रों ने द्वितीय वर्ष के छात्रों के साथ मारपीट कर दी। द्वितीय वर्ष के छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष से ही वरिष्ठ छात्र प्रताड़ित कर रहे हैं। पैर के तलवों में मारते थे।
साथ ही बाल कटवाने को लेकर भी दबाव बनाते थे। द्वितीय वर्ष में आने के बाद रैगिंग लगातार बढ़ती गई। बृहस्पतिवार को मारपीट करने के साथ ही शर्ट के बटन तक उखाड़ दिए। छात्रों ने मेडिकल चौकी में शिकायत की मगर चौकी में मौजूद पुलिस कर्मियों ने मामले की शिकायत प्राचार्य से करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
रैगिंग से पीड़ित छात्रों ने देर शाम प्राचार्य कार्यालय में डेरा डाल दिया और पांच वरिष्ठ छात्रों पर रैगिंग और मारपीट करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर आरोपी छात्र भी देर शाम प्राचार्य के पास पहुंचे और अपनी सफाई देने लगे। प्राचार्य ने उनकी कोई भी बात सुनने से इंकार कर दिया।
एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्रों ने पांच छात्रों के खिलाफ लिखित शिकायत की है। सीनियर छात्रों पर रैगिंग और मारपीट का आरोप लगाया है। द्वितीय वर्ष के एक छात्र के कान का पर्दा भी फट गया है। अनुशासनात्मक समिति पूरे मामले की जांच करेगी।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज
एंटी रैगिंग कमेटी गठित फिर भी थम नहीं रहा रैगिंग का सिलसिला
मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी होने के बाद भी रैगिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वार्डन से लेकर अन्य जिम्मेदार लोग छात्रावास पर पूरी तरह नजर नहीं रख रहे हैं।
रैगिंग के मामले मेडिकल कॉलेज में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले वर्ष भी रैगिंग के दो मामले सामने आए थे। रैगिंग की शिकायत सीधे यूजीसी में भी की जा सकती है। बता दें कि पिछले वर्ष छात्रों ने रैगिंग को लेकर एंटी रैगिंग कमेटी पर भरोसा नहीं जताया था और सीधे यूजीसी में शिकायत की थी। यूजीसी में शिकायत होने के बाद मामले की जांच हुई थी। हालांकि जांच पूरी होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन रैगिंग रोकने को लेकर फिर निष्क्रिय हो गया।
रैगिंग हो तो यहां करें शिकायत
यूजीसी की हेल्पलाइन : 18001805522
रैगिंग की अब तक की शिकायतें
11 सितंबर : मेडिकल कालेज, हल्द्वानी।
8 सितंबर : जीबी पंत इंजीनियरिंग कालेज, पौड़ी गढ़वाल।
3 सितंबर : आईआईटी रुड़की।
26 अगस्त : दून बिजनेस स्कूल।
20 अगस्त : क्वांटम यूनिवर्सिटी रुड़की।
04 अगस्त : डिपार्टमेंट आफ फार्मास्युटिकल्य साइंस, कुमाऊं विवि।
28 मई : ग्राफिक ऐरा, भीमताल।
28 मई : रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।
19 अप्रैल : देहरादून इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।
07 अप्रैल : दून यूनिवर्सिटी देहरादून।
01 अप्रैल : श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, देहरादून।
30 मार्च : यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून।
20 फरवरी : लॉ कालेज देहरादून।
नोट : पिछले वर्ष यूजीसी वेबसाइट पर दर्ज शिकायतें।