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मिड-डे-मील के सवाल पर मचा बवाल
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jul 2013 09:53 PM IST
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शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिले के कुछ स्कूलों में मिड-डे-मील में मानकों की अनदेखी हो रही है।
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शिक्षक खुद स्कूल न जाकर बच्चों को पढ़ाने के लिए ठेके पर युवकों को रख रहे हैं। वर्षों से स्कूलों में भोजन बना रही भोजन माताओं को बेवजह हटाकर किसी और को काम पर रखा जा रहा है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने कहा कि चकराता ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय छुल्टाड में ग्राम प्रधान ने पूर्व में राशन की टंकी पर ताला लगाकर एमडीएम बंद करवा दिया था, जिससे स्कूल में एमडीएम नहीं बन पाया।
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स्कूल में जातिगत भेदभाव की भी शिकायत थी, जिसके लिए उन्होंने अपर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक से शिकायत की थी, लेकिन दोषियों के खिलाफ विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके अलावा कालसी ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल मंगरौली में भी मिड-डे-मील बच्चों को नियमित रूप से न मिल पाने की शिकायत आई थी, लेकिन काफी समय बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
कालसी ब्लॉक के डुमेरखेडा प्राथमिक विद्यालय में हाल ही में वर्षों से भोजन बना रही भोजन माता को हटा दिया गया, जबकि उसके स्थान पर दूसरी भोजन माता को रखा गया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिले में जर्जर हाल स्कूल भवनों में बच्चे पढ़ रहे हैं। कई बार लिखे जाने के बावजूद स्कूलों की मरम्मत नहीं हो पा रही है।