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दलहन ने खिलाए काश्तकारों के चेहरे
अमर उजाला, जयहरीखाल
Updated Mon, 21 Oct 2013 07:41 PM IST
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क्षेत्र में इस साल दलहन का उत्पादन काफी अच्छा रहा है। कई सालों के बाद इस साल दलहन की फसल भरपूर होने से काश्तकारों के चेहरे खिले हुए हैं। इन दिनों काश्तकार दलहन बंटोरने में लगे हुए हैं।
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विकास खंड जयहरीखाल की कौड़िया, बदलपुर तल्ला, मल्ला पटियों सहित मुराड़स्यूं, मौदास्यूं, मवालस्यूं, तलाई आदि पट्टियों में खेत दलहन से भरे हुए हैं। दरअसल बरसात में अच्छी बारिश होने के चलते इस बार बहुत अच्छी फसल हुई है।
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भले ही लोगों के गावों से पलायन के चलते खेती सिमटती जा रही है। लेकिन जो लोग आज भी खेती कर रहे हैं उनके लिए इस साल का सीजन बेहतरीन रहा। काश्तकार एक हेक्टेयर में लगभग 20 से 25 किलो तक दलहन बंटोर रहे हैं।
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जंगली जानवरों की भी रही मेहरबानी
अनियमित बरसात के चलते पहाड़ों में फसलों का उत्पादन घटता जा रहा है। उस पर भी जो फसल पैदा होती है उसमें से अधिकतर जंगली जानवर साफ कर देते हैं। लेकिन इस साल क्षेत्र में जंगली जानवरों का भी प्रकोप काफी कम रहा।
बेहतर बरसात, बेहतर मौसम के साथ जंगली जानवरों की मेहरबानी भी क्षेत्र के काश्तकारों के लिए लाभदायक साबित हो रही है।
ये हैं मुख्य दालें
पहाड़ों में उड़द, कुलथ (कुलथ), तौर, सोयाबीन, लोबिया, राजमा, मटर, रयांस, आदि दालें मुख्य रूप से होती हैं।