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Dehradun News: प्रॉपर्टी डीलर को महंगा पड़ा प्रचार, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
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शहर के एक प्रॉपर्टी डीलर को अखबारों में विज्ञापन से प्रचार कराना महंगा पड़ गया। विज्ञापन में उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देने के साथ-साथ पुलिस कप्तान अजय सिंह के नाम का भी जिक्र कर दिया। इसमें उसने एसएसपी अजय सिंह को पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी बता दिया। ऐसे में पुलिस ने इसे जालसाजी और प्रतिष्ठा को धूमिल करने का अपराध मानते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन धर्मपुर क्षेत्र के प्राव्या डवलपर्स की ओर से छपवाया गया है। यह प्रतिष्ठान अमित कुमार निवासी दूधली चलाता है। विज्ञापन रविवार सुबह से ही वायरल होने लगा। विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी गई है। साथ ही नीचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और एसएसपी अजय सिंह का फोटो लगाया गया है। लेकिन, एसएसपी अजय सिंह का पद पुलिस महानिरीक्षक लिखा गया है।
सरकारी अधिकारी के इस तरह नाम के प्रयोग से तमाम तरह की चर्चाएं होने लगीं। एसएसपी अजय सिंह ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया और पुलिस को पड़ताल करने के निर्देश दिए। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जन संपर्क अधिकारी हेमंत खंडूरी की ओर से नेहरू कॉलोनी थाने में जालसाजी और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार भी किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार इस कारोबारी की इस तरह के विज्ञापन को छपवाकर किसी तरह का अनुचित लाभ लेने की मंशा भी हो सकती है।
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सात साल तक की है सजा
मुकदमा आईपीसी 468 और 469 के तहत दर्ज किया गया है। आईपीसी 468 किसी भी प्रकार के दस्तावेज में जालसाजी को बताती है। इस धारा में सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। जबकि, आईपीसी 469 दस्तावेज में जालसाजी कर किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान को परिभाषित करती है। इसमें अधिकतम कारावास तीन वर्ष तक का हो सकता है।
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विज्ञापन धर्मपुर क्षेत्र के प्राव्या डवलपर्स की ओर से छपवाया गया है। यह प्रतिष्ठान अमित कुमार निवासी दूधली चलाता है। विज्ञापन रविवार सुबह से ही वायरल होने लगा। विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी गई है। साथ ही नीचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और एसएसपी अजय सिंह का फोटो लगाया गया है। लेकिन, एसएसपी अजय सिंह का पद पुलिस महानिरीक्षक लिखा गया है।
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सरकारी अधिकारी के इस तरह नाम के प्रयोग से तमाम तरह की चर्चाएं होने लगीं। एसएसपी अजय सिंह ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया और पुलिस को पड़ताल करने के निर्देश दिए। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जन संपर्क अधिकारी हेमंत खंडूरी की ओर से नेहरू कॉलोनी थाने में जालसाजी और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार भी किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार इस कारोबारी की इस तरह के विज्ञापन को छपवाकर किसी तरह का अनुचित लाभ लेने की मंशा भी हो सकती है।
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सात साल तक की है सजा
मुकदमा आईपीसी 468 और 469 के तहत दर्ज किया गया है। आईपीसी 468 किसी भी प्रकार के दस्तावेज में जालसाजी को बताती है। इस धारा में सात वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। जबकि, आईपीसी 469 दस्तावेज में जालसाजी कर किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान को परिभाषित करती है। इसमें अधिकतम कारावास तीन वर्ष तक का हो सकता है।