जनता तय करेगी चेकिंग के दौरान क्या बोले पुलिस, सबसे अच्छा सुझाव देने वाले को मिलेगा 20 हजार का इनाम
- ट्रैफिक निदेशालय की पहल, जनता से मांगा फीडबैक
- सबसे अच्छा सुझाव देने वाले को 20 हजार का इनाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चेकिंग के दौरान ट्रफिक पुलिसकर्मियों से आप कैसा व्यवहार चाहते हैं, यह तय करने का अधिकार अब आपको दिया गया है। ट्रैफिक निदेशालय ने तीन वाक्यों में जनता से फेसबुक पेज पर फीडबैक मांगा है। सबसे अच्छा सुझाव देने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम भी मिलेगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिसकर्मी चेकिंग के दौरान आम लोगों से उसी शब्दावली में बात करेंगे, जो जनता तय करेगी।
वाहन चेकिंग के दौरान यातायात पुलिसकर्मियाें की भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस बात को लेकर अक्सर ट्रैफिक निदेशालय को भी शिकायत मिलती है। कैमरों के आधार पर आरोपी पाए जाने पर दोषी पुलिसकर्मियाें पर कार्रवाई भी होती है, लेकिन कई शिकायतें जांच में फेल हो जाती हैं। ट्रैफिक निदेशक केवल खुराना ने रोजमर्रा की इस झिक-झिक को दूर करने को ‘मेरा कर्तव्य’ के नाम से नई पहल शुरू की है।
चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी किस तरह की भाषा का प्रयोग करें, यह तय करने का अधिकार जनता जनार्दन को दिया गया है। इसी कड़ी में ट्रैफिक निदेशालय के फेसबुक पेज पर जन मानस से तीन वाक्यों में सुझाव मांगा गया है कि उनके हिसाब से पुलिसकर्मी चेकिंग के दौरान किस तरह की भाषा का प्रयोग करें।
ऐसे दें सुझाव
फेसबुक पेज पर आने वाले सुझावों में से एक सबसे अच्छे सुझाव का चयन किया जाएगा। अच्छा सुझाव देने वाले शख्स को बीस हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
आम लोग ट्रैफिक निदेशालय के फेसबुक पेज पर यातायात को लेकर अपने सुझाव दे सकते हैं। फेसबुक पेज पर आपको Traffic Directorate uttarakhand police लिखकर सर्च करना होगा।
‘मेरा कर्तव्य’ योजना के तहत जनमानस से पुलिसकर्मियों की भाषा तय करने को लेकर सुझाव मांगा गया है। सबसे अच्छे सुझाव की ट्रेनिंग प्रत्येक पुलिसकर्मियों को कराई जाएगी। चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी सिर्फ उन्हीं शब्दों का प्रयोग करेंगे, जो जनता ने तय किए हैं। इससे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की गलत भाषा के प्रयोग पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा। जागरूक लोग खुद ही तय करें कि वे पुलिस कर्मियाें से किस तरह की भाषा का प्रयोग चाहते हैं।
-केवल खुराना, निदेशक, ट्रैफिक निदेशालय