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Dehradun News: 16 हजार की आबादी पर मात्र एक शौचालय, उसे भी ढूंढना मुश्किल

Thu, 12 Oct 2023 12:41 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 12:41 AM IST
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Public or pink toilets have not been given importance in
Iनगरपालिका की प्राथमिकता सूची में सार्वजनिक शौचालय को नहीं महत्वI
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हरबर्टपुर नगरपालिका की प्राथमिकता सूची में सार्वजनिक या पिंक शौचालय को महत्व नहीं दिया गया है। पालिका क्षेत्र की आबादी करीब 16 हजार है। लेकिन इतनी बड़ी आबादी के लिए केवल एक सार्वजनिक शौचालय है। यही नहीं देहरादून रोड के शिव मंदिर के पास स्थित इस शौचालय को ढूंढना भी आसान नहीं है।



गली में शौचालय का रास्ता दिखाने के लिए साइन बोर्ड नहीं लगा है। महिला और पुरुष शौचालय अगल-बगल है। पुरुष शौचालय के वॉश बेसिन की टोंटी खराब है और पानी भी कम आता है। पुरुष शौचालय में सफाई न होने से भयंकर दुर्गंध उठती है। शौचालय के बाहर पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है।
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बगल में पुरुष शौचालय होने के कारण रात को महिलाएं असुरक्षा की भावना के चलते शौचालय के प्रयोग से बचती हैं। स्थानीय महिलाओं ने उनके लिए सुलभ स्थानों पर अलग से शौचालय बनाने की मांग की है।
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Iतीन चार शौचालय का निर्माण प्रस्तावित, लेकिन भूमि नहीं हैI

नगर पालिका हरबर्टपुर के अधिशासी अधिकारी भगवंत बिष्ट ने बताया कि शौचालय के निर्माण को लेकर कोई समस्या नहीं है। विधायक के माध्यम से तीन-चार शौचालयों का निर्माण प्रस्तावित है। पालिका के पास शौचालय निर्माण के लिए भूमि नहीं है। अगर भूमि मिल जाए तो महिला और पुरुष शौचालय अलग भी बनाए जा सकते हैं। बताया कि एक भूमि से कब्जा हटाने की तैयारी है। ऐसे में एक शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मौजूदा शौचालय में अगर कोई कमी है तो उसको दुरुस्त किया जाएगा।





Iकेवल बोर्ड से कैसे शौच मुक्त होगी पालिकाI

हरबर्टपुर नगर पालिका क्षेत्र में जगह-जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाले शौच मुक्त भारत के बड़े-बड़े फ्लेक्स लगे। पालिका का लोगों को जागरूक करने का प्रयास सराहनीय है। लेकिन सवाल यह है कि बिना सार्वजनिक और पिंक शौचालय बनाए क्षेत्र को पूरी तरह से शौच मुक्त कैसे रखा जा सकता है।





Iपालिका का यह प्रयास अच्छाI

पालिका का एक प्रयास काफी अच्छा है। महिला शौचालय में पालिका की ओर से सेनेटरी पैड मशीन लगाई गई है। वहीं सेनेटरी पैड को डिस्पोज करने वाली भी एक मशीन लगी है।

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Iवर्जन
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Iसार्वजनिक शौचालय बहुत जरूरी है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग सार्वजनिक शौचालय बनने चाहिए। अगर किसी को इमरजेंसी में शौचालय को प्रयोग करना हो तो आसपास व्यवस्था होनी चाहिए।

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I- बसंती रावत, स्थानीय निवासी
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Iआबादी के हिसाब से सार्वजनिक शौचालय भी होने चाहिए। अगर किसी को शौचालय का प्रयोग करना हो और वह न मिले तो बड़ी परेशानी होती है। खासकर महिलाओं के लिए यह समस्या बड़ी विकट होती है। अब समय बदल रहा है तो महिलाओं के लिए पिंक शौचालय होने चाहिए। - बीना चौहान, स्थानीय निवासीI


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