10 के बाद अब एक और दो रुपये के सिक्के बने लोगों के लिए सिरदर्द, ऐसे झेल रहे मुसीबत
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पहले दस रुपए के सिक्के को लेकर लोग परेशान थे और अब एक और दो रुपए के सिक्के लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। हरिद्वार के बहादराबाद में पीठ बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक कर्मचारियों ने एक व दो रुपए के सिक्के लेने से इंकार कर दिया।
उपभोक्ता ने बैंक प्रबंधक के पास इसकी आपत्ति दर्ज कराई तो उन्होंने ने भी आईबीआई के मानक पढ़ाने शुरू कर दिए। उपभोक्ता ने इसकी शिकायत उच्च बैंक अधिकारी से कर दी।
काफी प्रयास के बाद बैंक प्रबंधक एक हजार रुपये के सिक्के जमा करने के लिए राजी हुए। उपभोक्ता ने जिला अधिकारी से इसकी शिकायत कर दी। शिकायत करने वाले प्रमोद गौतम बहादराबाद में एजेंसी होल्डर है।
आरबीआई प्रतिदिन एक हजार रुपए के सिक्के ही स्वीकार करती है
प्रतिदिन अखबार बेचकर एक से दस रुपए तक के सिक्के एकत्रित हो जाते हैं। प्रमोद गौतम बैंक ऑफ़ बड़ौदा की ब्रांच पैठ बाजार बहादराबाद में रुपए जमा करने गया था।
एक लाख से अधिक तो बैंक ने जमा कर लिए लेकिन दो हजार रुपए के मिक्स सिक्के लेने से इंकार कर दिया। बैंक शाखा प्रबंधक विनय कुमार पवार ने बताया कि उनके पास पहले ही साढ़े तीन लाख रुपए के मिक्स सिक्के हैं।
उनको निकालने में पहले ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और स्टाफ की भी कमी है। उन्होंने कहा कि उनके यहां से भी आरबीआई प्रतिदिन एक हजार रुपए के सिक्के ही स्वीकार करती है। ऐसे में बैंक दो हजार के सिक्के एक साथ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।