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Dehradun News: दून में आक्रोश रैली, विकासनगर में अटके काम
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बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में निकाली गई आक्रोश रैली को बार एसोसिएशन विकासनगर ने अपना समर्थन दिया। बार एसोसिएशन के आह्वान पर तहसील और न्यायालय में अधिवक्ताओं ने कार्य नहीं किया। वहीं, स्टांप विक्रेता, टाइपिस्ट के साथ फोटो स्टेट तक की दुकानें बंद रहीं। इसके चलते सब रजिस्ट्रार कार्यालय में 40 रजिस्ट्री नहीं हो पाई।शपथ बनवाने के लिए लोग काफी देर तक तहसील और बार भवन के बाहर भटकते रहे। लेकिन, जब सभी कार्यालय और बस्ते बंद देखे तो वह वापस लौट गए। खासकर दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। दून उद्योग व्यापार मंडल की ओर से देहरादून में आक्रोश रैली निकाली गई। इसके समर्थन में बार एसोसिएशन विकासनगर ने सोमवार को अधिवक्ताओं, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्ट से एक दिवसीय कार्यबंदी का आह्वान किया था। मंगलवार को अपील का व्यापक असर देखने को मिला। तहसील के आसपास अधिवक्ताओं के कार्यालयों, स्टांप विक्रेताओं, टाइपिस्ट और फोटो स्टेट की दुकानों के शटर बंद रहे। उधर, बार भवन में भी अधिवक्ताओं के चेंबर और बस्ते बंद थे। हालांकि, बार एसोसिएशन के नोटिस बोर्ड पर कार्यबंदी की सूचना लिखी गई थी। कई लोग सूचना पढ़ने और पूछताछ के बाद वापस लौट गए। शपथ पत्र न बनने से कई लोगों के आधार कार्ड में संशोधन और प्रमाण पत्र बनाने संबंधी काम भी नहीं हो पाए। सब रजिस्ट्रार कार्यालय में काफी संख्या में लोग रजिस्ट्री के लिए पहुंचे, लेकिन यहां आकर उन्हें पता चला कि स्टांप पेपर नहीं मिल रहे हैं। कार्यालय में करीब 40 रजिस्ट्री नहीं हो पाई। ढकरानी स्थित न्यायालय परिसर और आसपास अधिवक्ताओं के चेंबर में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ अधिवक्ता परिसर में खड़े नजर आए। हालांकि, उन्होंने कार्य नहीं किया। न्यायालय में आने वाले पुराने और नये वादकारियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई वादकारी मसूरी, प्रेमनगर से सटे दूरस्थ क्षेत्रों से आए थे। ऐसे में लोगों का समय और किराया दोनों ही बर्बाद हो गया।
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