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उत्तराखंड में शराब के पैसे से होगा संरक्षण गृहों का उद्धार

Sat, 20 Oct 2018 06:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 20 Oct 2018 06:00 AM IST
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Protection houses will protect homes from the alcohol money
wine

प्रदेश में संचालित हो रहे संरक्षण गृहों का अब शराब के पैसे से उद्धार होगा। शासन ने शराब की बिक्री पर लगाए गए एक फीसदी सेस से अर्जित धनराशि संरक्षण गृहों पर खर्च करने का फैसला किया है। 

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आधिकारिक सूत्रों की मानें तो आबकारी विभाग और महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में इस पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। धनराशि प्राप्त करने और उसके खर्च का फार्मूला तय करने को लेकर दोनों विभागों के अधिकारियों की एक अहम बैठक होनी है। यह बैठक पिछले हफ्ते होनी थी, लेकिन इन्वेस्टर्स समिट और उसके बाद केंद्रीय वित्त आयोग के दौरे के चलते स्थगित हो गई। आबकारी विभाग की सहमति के बाद संरक्षण गृहों के लिए हर महीने 2 से 2.50 करोड़ रुपये की मदद मिल सकती है। आबकारी विभाग ने इस वित्तीय वर्ष 2500 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य बनाया है। अगस्त महीने तक उसने 1248 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर ली थी।  
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संरक्षण गृहों में सुविधाओं का अभाव
प्रदेश में संचालित हो रहे सरकारी और गैर सरकारी संरक्षण गृहों में सुविधाओं का भारी अभाव है। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा कराए जा रहे सोशल ऑडिट में भी यह बातें सामने आई हैं। ज्यादातर संरक्षण गृहों में जगह और संसाधनों की कमी है। बजट की कमी के चलते कमियों को दूर करने में अड़चन आ रही है। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में विभिन्न जनहित याचिकाओं पर भी प्रदेश सरकारों को संरक्षण गृहों की हालत सुधारने के निर्देश जारी हुए हैं, जिनके अनुपालन में सरकार पर दबाव बना है।
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कारपोरेट सेक्टर से भी मदद
संरक्षण गृहों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए कारपोरेट सेक्टर की मदद लेने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने जनपदों में उद्यमियों से संपर्क करके कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड जुटाने की कोशिश करें। प्रदेश के उद्यमियों के लिए सोशल इन्वेस्टर्स मीट करने की भी तैयारी है।

आबकारी से होने वाली आय पर दो फीसदी सेस लगाने का प्रावधान है। विभाग ने एक फीसदी सेस से अर्जित राशि महिला कल्याण पर खर्च करने का निर्णय लिया है। जल्द बैठकर करके इसके  खर्च के फार्मूला तय कर दिया जाएगा।

- प्रकाश पंत, आबकारी मंत्री

आबकारी विभाग से एक फीसदी सेस की राशि प्राप्त होने से संरक्षण गृहों पर खर्च की जाएगी। इस संबंध में आबकारी मंत्री जी के साथ एक बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन वह किन्हीं कारणों नहीं हो पाई। जल्द ही बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
- राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास

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