फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Proposal approves for revival of rispana

रिस्पना नदी के पुनर्जीवीकरण को राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी

Fri, 08 Jan 2021 12:32 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 12:32 AM IST
विज्ञापन
Proposal approves for revival of rispana
देहरादून। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान ने रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने को लेकर तैयार किए गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा नोडल अधिकारी एवं जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में संबंधित विभागों की बैठक बुलाई गई है। नदियों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान ने अध्ययन किया था। विशेषज्ञों ने नदी की विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के डॉ. आरपी पांडे के मुताबिक रिस्पना नदी को पुनर्जीवित करने में वन विभाग, जलसंस्थान, पेयजल निगम, राजस्व और सिंचाई विभाग की मदद ली जा रही है। सभी विभाग अपने अपने स्तर पर डीपीआर तैयार कर रहे हैं। वन विभाग को नदी के कैचमेंट एरिया में सघन वृक्षारोपण करने के साथ ही जल संचित करने में योगदान देना है सिंचाई विभाग छोटे-छोटे चेक डैम बनाने के साथ ही वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर बनाएगा। इनकी मदद से नदी के जल को इकट्ठा करके न सिर्फ भूमिगत जल को रिचार्ज किया जाएगा।
विज्ञापन

सौंग बांध के पानी से भी साफ की जाएगी रिस्पना
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार रिस्पना नदी को साफ करने में सौंग बांध के पानी का भी प्रयोग किया जाएगा। धनोल्टी विधानसभा के सौधना गांव में बनने वाले सौंग बांध के कुछ पानी को रिस्पना नदी में छोड़ा जाएगा। इससे रिस्पना नदी का जलस्तर ठीक-ठाक होगा,और नदी को साफ सुथरा करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्राकृतिक जल स्रोतों को भी किया जाएगा पुनर्जीवित
रिस्पना नदी को साफ सुथरा बनाने में उन जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित करने की तैयारी है जो कभी रिस्पना नदी में आकर मिलते थे और नदी में पर्याप्त मात्रा में पानी होता था। लेकिन वर्तमान में इन तमाम प्राकृतिक जल स्रोतों में से ज्यादातर या तो सूख गए हैं या फिर बेहद बदहाल स्थिति में हैं। ऐसे में इन जलस्रोतों को भी पुनर्जीवित करने की भी योजना बनाई गई है।
नदियों के पानी में क्रोमियम, मैग्नीज, ग्रीस, सीसा समेत तमाम खतरनाक रसायन
सोसायटी फॉर पॉल्यूशन एंड कंजर्वेशन साइंटिस्ट (स्पेक्स)के विशेषज्ञों की ओर से किए गए शोध में यह बात सामने आई थी कि रिस्पना औए बिंदाल नदियों में क्रोमियम, शीशा, मैग्नीज जैसे खतरनाक रसायनों के साथ ही ग्रीस और तेल की भरमार है। नदियों का पानी इतना प्रदूषित है कि यदि इंसान और जानवर इस्तेमाल कर लें तो उन्हें गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
राजपुर के नीचे बनेगा वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर
देहरादून। रिस्पना नदी के जलस्तर को सुधारा जा सके इसके लिए सिंचाई विभाग नदी के बीचो बीच में राजपुर के नीचे वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर बनाएगा। सिंचाई विभाग के अभियंताओं के मुताबिक सात मीटर ऊंचे वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर में 20 हजार घन मीटर पानी एकत्र होगा।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह के मुताबिक रिस्पना नदी को साफ सुथरा बनाने व पुनर्जीवित करने को लेकर सिंचाई विभाग के साथ ही वन विभाग, पेयजल निगम, जल संस्थान, समेत कई विभागों के अधिकारी अभियंता अपने अपने स्तर पर डीपीआर तैयार कर रहे हैं। नदी को साफ सुथरा बनाने के लिए जलविज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों ने विस्तृत डीपीआर भी तैयार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed