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Dehradun News: स्कूलों को उत्कृष्ट बनाएगा प्रोजेक्ट उत्कर्ष... ओएनजीसी ने मंजूर किए 1.5 करोड़ रुपये
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Iसमन्वय की राह संवारेगी दूरस्थ क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की हालत
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Iडीएम सविन बसंल के अभिनव प्रोजेक्ट उत्कर्ष ने रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। प्रोजेक्ट को सीएसआर फंड के माध्यम से बड़ी धनराशि प्राप्त हो रही है। ओएनजीसी की ओर से प्रोजेक्ट के लिए 1.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृति की गई है। इस राशि का इस्तेमाल जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में संचालित सरकारी स्कूलों में फर्नीचर, डिजिटल स्क्रीन, व्हाइट बोर्ड, पेयजल, लाइट, शौचालय, ओउटडोर स्पोर्ट्स और अन्य सुविधाओं को विकसित करने में होगा।I
Iदरअसल, डीएम सविन बंसल ने नैनीताल में डीएम रहते इस अभिनव उत्कर्ष प्रोजेक्ट की मदद से स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया था। उनके इस कार्य को प्रदेशभर में सराहा गया था। अब डीएम ने देहरादून के दूर-दराज क्षेत्रों में संचालित स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का बीड़ा उठाया है। प्रोजेक्ट के तहत ओएनजीसी की ओर से मौजूदा वित्तीय वर्ष में सीएसआर फंड में 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से हुडको को भेजा गया तीन करोड़ का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। इसकी मदद से स्कूलों में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी।I
Iबता दें कि डीएम ने सीडीओ अभिनव शाह को हुडको और ओएनजीसी के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाने का जिम्मा सौंपा है। आगामी दिनों में ये प्रयास और तेज होने वाले हैं। इसके अलावा स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने के लिए एक करोड़ की धनराशि मुख्य शिक्षा अधिकारी कोष में रखी गई है।
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Iस्कूलों में न्यूजपेपर, मैगजीन और शब्दकोश अनिवार्यI
Iडीएम ने सभी स्कूलों में न्यूजपेपर, मैगजीन, शब्दकोष और महापुरुषों की जीवनियां रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम का प्रयास है कि छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा के साथ-साथ महापुरुषों के जीवन चरित्र से परिचित कराया जाए। स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण भोजन देने के लिए भी डीएम ने शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को आधुनिक बनाने की पहल से जुड़ने के लिए सामाजिक संगठनों और बड़े प्रतिष्ठानों का आह्वान किया गया है।I
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Iडीएम सविन बसंल के अभिनव प्रोजेक्ट उत्कर्ष ने रफ्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। प्रोजेक्ट को सीएसआर फंड के माध्यम से बड़ी धनराशि प्राप्त हो रही है। ओएनजीसी की ओर से प्रोजेक्ट के लिए 1.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृति की गई है। इस राशि का इस्तेमाल जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में संचालित सरकारी स्कूलों में फर्नीचर, डिजिटल स्क्रीन, व्हाइट बोर्ड, पेयजल, लाइट, शौचालय, ओउटडोर स्पोर्ट्स और अन्य सुविधाओं को विकसित करने में होगा।I
Iदरअसल, डीएम सविन बंसल ने नैनीताल में डीएम रहते इस अभिनव उत्कर्ष प्रोजेक्ट की मदद से स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया था। उनके इस कार्य को प्रदेशभर में सराहा गया था। अब डीएम ने देहरादून के दूर-दराज क्षेत्रों में संचालित स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का बीड़ा उठाया है। प्रोजेक्ट के तहत ओएनजीसी की ओर से मौजूदा वित्तीय वर्ष में सीएसआर फंड में 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से हुडको को भेजा गया तीन करोड़ का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। इसकी मदद से स्कूलों में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी।I
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Iबता दें कि डीएम ने सीडीओ अभिनव शाह को हुडको और ओएनजीसी के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाने का जिम्मा सौंपा है। आगामी दिनों में ये प्रयास और तेज होने वाले हैं। इसके अलावा स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने के लिए एक करोड़ की धनराशि मुख्य शिक्षा अधिकारी कोष में रखी गई है।
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Iस्कूलों में न्यूजपेपर, मैगजीन और शब्दकोश अनिवार्यI
Iडीएम ने सभी स्कूलों में न्यूजपेपर, मैगजीन, शब्दकोष और महापुरुषों की जीवनियां रखने के निर्देश दिए हैं। डीएम का प्रयास है कि छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा के साथ-साथ महापुरुषों के जीवन चरित्र से परिचित कराया जाए। स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण भोजन देने के लिए भी डीएम ने शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों को आधुनिक बनाने की पहल से जुड़ने के लिए सामाजिक संगठनों और बड़े प्रतिष्ठानों का आह्वान किया गया है।I