{"_id":"68a23b7787b9ad0d170de710","slug":"production-stopped-in-five-hydropower-projects-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1013-766202-2025-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: पांच जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: पांच जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन ठप
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुना और टोंस के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। रविवार को डाकपत्थर बैराज से यमुना में इस सीजन का रिकाॅर्ड 1.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। व्यासी जल विद्युत परियोजना (120 मेगावाट) में सुबह नौ बजे से बिजली उत्पादन ठप हो बंद है। छिबरौ (240 मेगावाट), खोदरी (240 मेगावाट), ढालीपुर (51 मेगावाट), ढकरानी (33.75 मेगावाट) और कुल्हाल (30 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना में सुबह 10 बजे से उत्पादन ठप हो गया था। करीब आठ घंटे बाद शाम को छह बजे केवल कुल्हाल जल विद्युत गृह में उत्पादन सुचारु हो पाया। एक परियोजना और चार जल विद्युत गृहों में खबरे लिखे जाने तक उत्पादन बंद था। रविवार को यमुना, टोंस और आसन नदी उफान पर थी। नदियों में गाद की मात्रा लगातार बढ़ रही थी। यमुना में गाद की मात्रा बढ़ने पर सुबह नौ बजे जुड्डो बांध से पानी छोड़ा गया। इसके बाद व्यासी जल विद्युत परियोजना में उत्पादन बंद हो गया। यमुना और टोंस में गाद की मात्रा बढ़ने पर सुबह 10 बजे डाकपत्थर बैराज से 1.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। आसन में गाद की मात्रा कम होने पर शाम करीब छह बजे कुल्हाल जल विद्युत केंद्र में उत्पादन सुचारू हुआ। यमुना और टोंस नदी में गाद की मात्रा कम नहीं हो रही है। खबर लिखे जाने तक व्यासी जल विद्युत परियोजना, छिबरौ, खोदरी, ढालीपुर और ढकरानी जल विद्युत गृह में बिजली उत्पादन बंद था। यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि नदियों में गाद की मात्रा कम होने पर यमुना घाटी की अन्य परियोजनाओं में उत्पादन शुरू हो जाएगा। फिलहाल कुल्हाल जल विद्युत गृह में उत्पादन सुचारु है।