यहां स्कूलों में ‘जादू के पिटारे’ से निकलता है हल
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उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में राजकीय जूनियर हाईस्कूल पुडियाणी के अनेक छात्र-छात्राओं के लिए समस्या समाधान बॉक्स ‘जादू का पिटारा’ साबित हो रहा है। यह बाक्स प्रधानाध्यापक भागचंद केशवानी की पहल पर कक्षाओं में लगाया गया है।
इस विद्यालय में टीएलएम और स्मार्ट क्लास तकनीक से पढ़ाई होती है। 2013 में चमोली जिले के 75 स्कूलों को प्रथम संस्था के सहयोग से स्मार्ट क्लास से लैस किया गया था, जिसमें एक यह भी है।
यह ‘समस्या समाधान बॉक्स’ छह माह पूर्व लगाया गया था। इस विधि से कई बच्चों की पढ़ने और समझने संबंधी समस्याएं दूर हुई हैं। केशवानी के सहयोगी शिक्षक भी उनकी कार्यप्रणाली से काफी प्रभावित रहते हैं।
वे कहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों से कुछ नया कराने के लिए जो ललक प्रधानाध्यापक केशवानी में देखी, वह अपने आप में विशेष है। उनके पठन-पाठन व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास सराहनीय हैं।
कैसे होता है समस्या का निदान
कक्षा 6, 7 और 8 के कक्षों में लगे इन समाधान बाक्सों में छात्र-छात्राएं किसी भी विषय से संबंधित समस्या, शिक्षक के पढ़ाने के तरीके आदि को लेकर एक कागज पर लिखकर डाल देते हैं। इसमें अपना नाम लिखना जरूरी नहीं है।
यह बॉक्स छुट्टी से कुछ समय पूर्व खोले जाते हैं और सभी एकत्र प्रश्नों और समस्याओं का प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षकों की ओर से समाधान निकाला जाता है। अगले दिन कक्षाओं में शिक्षक इस बारे में विस्तार से बताते हैं। साथ ही उन्हें पढ़ने या समझने में जो समस्याएं आती हैं उन्हें सुलझाते हैं।
कक्षा आठ में पढ़ने वाली मंजू को अप्रैल-मई में गणित और विज्ञान के कई सूत्र समझने में दिक्कत होती थी, लेकिन ‘समस्या समाधान बॉक्स’ की मदद से समझने में अब आसानी हो रही है। अगस्त और सितंबर के मासिक टेस्ट में उसने दोनों विषयों में 10 में 9 अंक हासिल किए।
कक्षा आठ के ही रणजीत को अंग्रेजी और गणित में कुछ चीजें समझने में दिक्कत होती थी, लेकिन ‘समस्या समाधान बाक्स’ की मदद से अब आसानी हो रही है। गणित में उन्हें बीते माह के मासिक टेस्ट में 9 अंक मिले हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
इसी वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस (5 अक्तूबर) पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में देश के 305 शिक्षकों को सम्मानित किया गया था। इनमें उत्तराखंड के आठ शिक्षक थे, जिनमें केशवानी भी शामिल थे। इन्हें इंग्लैंड की स्टर संस्था ने सम्मानित किया था।
कार्यक्रम में केशवानी के समस्या समाधान बाक्स को प्रशंसा मिलने के साथ इसे बेहतर शिक्षा के लिए भी चुना गया। इस वर्ष 27 मई को टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटीरियल) योजना के तहत इस विद्यालय को ‘नवाचार: एक प्रयास’ पुस्तक में भी प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
इस पुस्तक का प्रकाशन राज्य का शिक्षा विभाग करता है। इसमें शिक्षा के लिए किए गए नवीनतम प्रयासों को दर्ज कर प्रतिवर्ष ग्रेडिंग की जाती है। 5 सितंबर 2005 को जिलास्तर पर बेहतर शिक्षण कार्य के लिए केशवानी को डीएम पुरस्कृत कर चुके हैं।
शिक्षा व्यवस्था को बनाया बेहतर
इसके अलावा टीएलएम के तहत जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी 2006, 2009, 2010 व 2011 में सम्मानित कर चुके हैं। 2011 में डायट गौचर के प्राचार्य ने क्रियात्मक शोध पर उन्हें सम्मानित किया।
2013 की आपदा में गौचर हवाई पट्टी में विद्यालय के बेहतर सहयोग के लिए एसडीएम कर्णप्रयाग ने सम्मानित किया। केशवानी के प्रयासों से पुडियाणी का यह स्कूल ब्लाक का दूसरा सबसे अधिक छात्र संख्या वाला विद्यालय है।
सर्व शिक्षा अभियान और टीएलएम प्रदर्शनी से इस अभिनव प्रयोग की प्ररेणा मिली। 1999 में नौकरी लगने के बाद से जिस भी स्कूल में रहा, हमेशा यह प्रयास रहा कि वहां की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
- भागचंद केशवानी, प्रधानाध्यापक, राजकीय जूनियर हाईस्कूल पुडियाणी कर्णप्रयाग।