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कानून का ककहरा सीखेंगे बंदी-कैदी
अमर उजाला, एमएस नवाज, हरिद्वार
Updated Sat, 07 Sep 2013 06:48 PM IST
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कानून से खिलवाड करने वाले अब कानून का ककहरा सीखेंगे। हरिद्वार जिला कारागार में बंद बंदी-कैदी अब कानून को करीब से समझेंगे।
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कैदियों की कानून की पढ़ाई की कवायद पर जेल प्रशासन ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) को लॉ शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। इग्नू से हरी झंडी मिलते ही जेल में कानून की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
जेल में एक हजार कैदी
जिला कारागार रोशनाबाद, हरिद्वार में हरिद्वार जनपद के विचाराधीन बंदी और प्रदेश भर के सजायाफ्ता कैदी रहते हैं। वर्तमान में जेल में करीब एक हजार कैदी हैं।
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जेल में इनके लिए इग्नू और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से विभिन्न कोर्स कराए जाते हैं। इनमें हाईस्कूल, इंटर, बीए, आईटीआई के अलावा कई सर्टिफिकेट कोर्स कराए जाते हैं। जेल में विचाराधीन और सजा काट रहे कुछ कैदियों ने कानून की पढ़ाई करने की भी मांग जेल प्रशासन से की थी।
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कैदियों ने जताई इच्छा
करीब दस बंदी-कैदी कानून की पढ़ाई करना चाहते हैं। कैदियों की कानून में रुचि को देखते हुए जेल प्रशासन ने इग्नू को कानून से जुड़े डिप्लोमा और अन्य सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है।
जेल प्रशासन के प्रस्ताव पर इग्नू ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उम्मीद है कि इसी सत्र से कोर्स चालू कर दिए जाएंगे। जेल प्रशासन के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली तो कैदी भी कानून का पाठ ले सकेंगे। जेल प्रशासन भी कैदियों को कानून से जुड़े कोर्स कराने के लिए उत्साहित हैं।
इनकी भी सुनिए
कई कैदी लॉ की पढ़ाई करना चाहते हैं। लॉ के अलावा एमए के कोर्स कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
-महेंद्र सिंह ग्वाल, जेल अधीक्षक, हरिद्वार।
कई कोर्स होते हैं जेल में
जेल में कैदियों के कंप्यूटर एप्लीकेशन, सिलाई, कढ़ाई के अलावा फीटर और इलेक्ट्रिकल से आईटीआई भी कराई जाती है। वर्तमान में जेल में हाईस्कूल और इंटर के 70 छात्र अध्ययन कर रहे हैं। करीब इतने ही विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स कर रहे हैं।