{"_id":"3c4811ea5450412eb2104d7e8a3c4a31","slug":"prisoner-not-allowed-to-vote","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल से लड़ सकते हैं चुनाव, नेता नहीं चुन सकते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल से लड़ सकते हैं चुनाव, नेता नहीं चुन सकते
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 06 May 2014 09:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्या जेल में बंद सजायाफ्ता या अंडरट्रायल कैदी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं? इस अधिकार को लेकर दो दिन पहले शुरू हुई बहस मंगलवार को समाप्त हो गई। यही तय हुआ कि कोई कैदी वोट नहीं डाल सकता।
विज्ञापन
जेल में बंद वल्दिया ने मांगी थी अनुमति
यौन शोषण प्रकरण में जेल में बंद निलम्बित संयुक्त सचिव एसएस वल्दिया ने सीईओ राधा रतूड़ी को पत्र भेजकर वोट डालने की अनुमति मांगी थी।
वल्दिया का तर्क था कि संविधान वोट का अधिकार देता है। सीईओ ने इस मामले का आईजी जेल विनोद शर्मा को रैफर करते हुए रिपोर्ट मांगी।
नहीं वोट डालने का अधिकार
आईजी जेल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरपी एक्ट 1951 की धारा 62 के तहत यदि कोई व्यक्ति जेल में बंद है, वह सजायाफ्ता या अंडरट्रायल कैदी है, तो भी उसे वोट डालने का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
सीईओ ने इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम देहरादून को ऐसी किसी भी अनुमति दिए जाने से मना कर दिया है।
जेल में निलंबित रहते हैं सारे अधिकार
हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि वोट डालना संवैधानिक अधिकार है इसलिए अनुमति मिलनी चाहिए। लेकिन जेल प्रशासन यही तर्क दे रहा था कि जब व्यक्ति जेल में बंद होता है तो उसकेशेष अधिकार भी निलम्बित रहते है।
विज्ञापन
इसलिए जेल में बंद कैदी को वोट डालने के लिए नहीं भेजा जा सकता। जेल में बंद अंडरट्रायल कैदी चुनाव तो लड़ सकता है लेकिन वोट नहीं डाल सकता।