पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को भुगतान के आदेश दिए हैं। जिसका प्रधान संगठन कालसी ने विरोध किया है। निदेशक पंचायती राज को प्रेषित ज्ञापन में प्रधान संगठन ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सीएससी की ओर से कोई कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने तत्काल कालसी क्षेत्र में सभी सीएससी को तत्काल बंद करने की मांग की है।
दरअसल, जन्म मृत्यु सहित अन्य प्रमाणपत्र ऑनलाइन बनाने के लिए सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर खोले हैं। लेकिन प्रधान संगठन कालसी का आरोप है कि कालसी विकासखंड किसी भी सीएससी ने आज तक कोई काम नहीं किया है। प्रधान संगठन के अध्यक्ष जवाहर सिंह ने कहा कि इन केंद्रों के लिए पंचायत घरों में पूरी व्यवस्था की गई है, लेकिन केवल उद्घाटन के समय ही कुछ कर्मचारी वहां पहुंचे। इसके बाद से आज तक वे आए ही नहीं। उनकी ओर से यहां कोई भी कार्य नहीं किया गया है। जबकि पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि उन्हें भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि जब सीएससी के माध्यम से कोई काम ही नहीं हुआ है, तो भुगतान क्यों किया जाए। सीएससी के स्टेट हेड से उन्होंने सीएससी के माध्यम से हुए कार्यों की एक प्रतिलिपि प्रधान संगठन को देने की मांग की है। निदेशक पंचायती राज को ज्ञापन प्रेषित करते हुए प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल भुगतान के आदेश को वापस नहीं लिया गया और कालसी क्षेत्र में आवंटित सीएससी को निरस्त नहीं किया गया तो प्रधान संगठन उग्र आंदोलन को बाध्य होगा।