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चार्ल्स बने 'किसान' खेत में बीज बोया
बिशन सिंह बोरा अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 08 Nov 2013 08:04 PM IST
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इंग्लैंड के राजकुमार चार्ल्स रामगढ़ गांव के एक खेत में किसान बन गए। भूडपुर गांव के राजेश खेत में हल चला रहे थे, उनके पीछे चार्ल्स जौ का बीज बो रहे थे। चार्ल्स हल भी चलाना चाहते थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा कारणों से ऐसा करने से मना कर दिया। इस मौके पर उन्होंने जैविक खेती पर जोर दिया।
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लगभग सवा घंटे तक खेत में रहे चार्ल्स ने नवधान्या की संस्थापक वंदना शिवा से किसानों के बारे में जानकारी ली। चार्ल्स ने सलाह दी कि किसानों को कर्ज में न डूबना पड़े और वे आत्महत्या न करें, इसके लिए खेती में लागत को कम करना होगा।
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बासमती धान की प्रजाति के बारे में जाना
अपने दून दौरे के अंतिम कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को प्रिंस चार्ल्स दोपहर 3.22 बजे नवधान्या बीज फार्म पहुंचे। यहां पर उन्होंने दून की बासमती प्रजाति सहित धान की सात सौ परंपरागत प्रजातियों, 195 गेहूं की प्रजातियों सहित ढाई हजार विभिन्न बीज प्रजातियों को देखा।
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जैविक खेती के प्रति रुझान
बीज बैंक में उन्हें जूत उतार कर प्रवेश करना पड़ा। उन्हें बताया गया कि जूते पहनकर जाने से बीजों को नुकसान हो सकता है। नवधान्या की संस्थापक वंदना शिवा से बातचीत में चार्ल्स ने कहा कि जैविक खेती से कृषि की बढ़ती लागत को कम करके किसानों को कर्ज से मुक्त किया जा सकता है। वंदना ने बताया कि चार्ल्स चाहते हैं कि नवधान्या और चार्ल्स की संस्था जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए मिलकर काम करे।
प्रिंस की हाईग्रुप संस्था हेल्दी फूड के लिए दुनियाभर में काम कर रही है। वे खुद हाईग्रुप समिति में सदस्य हैं। नवधान्या में लगभग डेढ़ घंटे के दौरान चार्ल्स ने 54 प्रजातियों के पौधों वाले मेडिसनल प्लांट और खाद बनाने के परंपरागत तरीकों को भी देखा। चार्ल्स के लिए हल चालने वाले राजेश के पिता नवधान्या में कुक हैं। राजेश ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं सोचा कि ब्रिटेन के राजकुमार को वे अपने साथ इस तरह से देख पाएंगे।
रीठा देख हैरान हुए चार्ल्स
रामगढ़ में प्रिंस ने नीम, मीठा नीम, रीठे का पेड़ देखकर हैरान हो गए। उन्होंने इसके बारे में जानकारी ली। जब उन्हें बताया गया कि रीठे से साबुन बनता है तो वे आश्चर्यचकित हो गए। बीज बैंक में प्रवेश के दौरान उन्हें बताया गया कि जिस कमरे में बीज रखे गए हैं वहां गोबर और गोमूत्र से लिपाई की गई है, ताकि बीजों को रोगों से बजाया जा सके।
ब्रिटेन में महकेगी दून की तुलसी
प्रिंस चार्ल्स अपने साथ नवधान्या से तुलसी की पांच प्रजातियों का बीज ले गए। उन्हें जैविक खेती एवं नवधान्या से जुड़ा साहित्य भी भेंट किया गया।