फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Priests to be trained in marriage rituals Starting from Jageshwar Dham Wedding destination Triyuginarayan

Uttarakhand: पुरोहितों को विवाह संस्कार का प्रशिक्षण, ताकि मंत्रों की शक्ति से मजबूत हो वर-वधू का गठबंधन

Wed, 19 Mar 2025 01:23 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 19 Mar 2025 01:23 PM IST
सार

विवाह संस्कार और उनमें बोले जाने वाले मंत्रों का खास महत्व है। संस्कृत में होने वाला मंत्रोच्चार सही होगा, तभी वह फलीभूत होगा। वर-वधू के गठबंधन को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध मंत्रों की शक्ति का होना जरूरी है। इसके लिए पुरोहित की संस्कृत भाषा में पारंगता के साथ सोलह संस्कारों में विवाह संस्कार की गहरी समझ होनी चाहिए।

विज्ञापन
Priests to be trained in marriage rituals Starting from Jageshwar Dham Wedding destination Triyuginarayan
विवाह (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

राज्य की दूसरी राजभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार के साथ संस्कृत शिक्षा विभाग अब उन धार्मिक स्थलों पर पुरोहितों को विवाह संस्कार का प्रशिक्षण दे रहा है जो वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में खासे लोकप्रिय हो गए हैं। इसकी शुरुआत जागेश्वर धाम से कर दी गई है।

विज्ञापन


उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा अकादमी के सचिव डॉ.वाजश्रवा आर्य कहते हैं, विवाह संस्कार और उनमें बोले जाने वाले मंत्रों का खास महत्व है। संस्कृत में होने वाला मंत्रोच्चार सही होगा, तभी वह फलीभूत होगा। वर-वधू के गठबंधन को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध मंत्रों की शक्ति का होना जरूरी है। इसके लिए पुरोहित की संस्कृत भाषा में पारंगता के साथ सोलह संस्कारों में विवाह संस्कार की गहरी समझ होनी चाहिए।
विज्ञापन


अकादमी की ओर से पहली बार पुरोहितों की ट्रेनिंग का एक कार्यक्रम बनाया गया है। इसकी शुरुआत जागेश्वर धाम से की गई है। वहां दो दिवसीय कार्यशाल में 100 से अधिक पुरोहितों को विवाह संस्कार का प्रशिक्षण दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Uttarakhand: काम की खबर... बैंक के जरूरी काम निपटा लीजिए, अब दो दिन रहेगी बैंककर्मियों की देशव्यापी हड़ताल

त्रियुगीनारायण में भी बुधवार को एक दिवसीय संवाद कार्यशाला रखी गई है। इन प्रशिक्षण कार्यशालाओं में पुरोहित समाज के अलावा आसपास के जिज्ञासु लोगों को विवाह संस्कार की शास्त्रीय प्रक्रियाएं, उसमें भी सप्तपदी समारोह, बोले जाने वाले मंत्र और उनका गृहस्थ जीवन में वैज्ञानिक महत्व समझाया और बताया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed