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शादी के सीजन में सोना बढ़ाएगा आपकी टेंशन
देहरादून/प्रवेश कुमारी
Updated Thu, 15 Aug 2013 10:27 AM IST
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इस बार लाडली की शादी थोड़ी महंगी पड़ने वाली है। सोने के आयात शुल्क में बढ़ोतरी का असर शादियों में भी देखने को मिलेगा।
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यह दो फीसदी बढ़कर 8 प्रतिशत से बढ़कर 10 फीसदी पहुंचने से इंटरनेशनल रेट के मुताबिक इसमें तीन हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी होगी।
जिन घरों में शादी की तैयारियां जारी हैं, वहां आम तौर पर पांच से दस तोला यानी 50 से 100 ग्राम तक वॉल्यूम खरीदा जाता है।
अगर इस अनुमान पर गौर किया जाए, तो सोने के मामले में लाडली की शादी पर इस बार बोझ 25 से 50 हजार रुपए ज्यादा पड़ेगा।
सीधा फर्क 15 से 30 हजार रुपए होगा, लेकिन लेकिन ज्वेलर्स सोना मंगाने से लेकर बनवाई की पूरी लागत जनता से वसूलेंगे, इसलिए उनकी जेब में ज्यादा गहरा सुराख हो सकता है।
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पहले बुकिंग कराने वाले फायदे में
आयात शुल्क बढ़ने से निश्चित रूप से पहले से बुकिंग करा चुकने वाले ग्राहक फायदे में रहेंगे। उन्हें शादी के वक्त जेवरात बुकिंग रेट पर ही हासिल हो सकेंगे।
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पांच साल में तीन लाख पहुंचा
महज पांच साल पहले की बात करें तो आयात शुल्क 10 हजार रुपये प्रति किलो था। 60 माह के अंतराल में यह तीन लाख रुपये प्रति किलो पहुंच चुका है।
700 से ज्यादा ट्रेडर्स पर पड़ेगा असर
दून में 700 से ज्यादा ट्रेडर्स सोने के कारोबार से जुड़े हैं। आयात शुल्क बढ़ने से इन पर सीधे असर पड़ेगा। ज्वेलर्स अपनी पूरी लागत जनता से ही वसूलेंगे।
यह कदम भी आम आदमी के खिलाफ
गोल्ड बियरर्स पर रोक लगाने का सरकार का यह कदम आम आदमी के खिलाफ जा रहा है। पूर्वी पटेलनगर निवासी किशनराज के मुताबिक हिंदुस्तान में घर-घर में सोना खरीदे जाने की बहुत पुरानी परंपरा है। इससे सीधे-सीधे आम आदमी की भावनाओं पर ठेस पहुंचेगी।
एंटी सोशल एलिमेंट की चांदी
सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से यह साफ है कि एंटी सोशल एलिमेंट की चांदी हो जाएगी। तस्करी को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेडर्स, आम ग्राहक तो परेशान होंगे ही।
-सुनील मैसोन, देहरादून सराफा मंडल