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टमाटर का रंग उड़ा, सलाद से गुम हुआ स्वाद
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 13 Nov 2013 06:32 PM IST
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प्याज, टमाटर के भाव चढ़ने का साइड इफेक्ट यह हुआ है कि घर ही नहीं, होटल-रेस्टोरेंट में भी सलाद से भी ये गुम हो गए।
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थाली की कीमत में बढ़ोत्तरी
केवल मूली और खीरा ही ग्राहकों के सलाद की प्लेट को सजा रहे हैं। जहां इन दोनों चीजों का प्रयोग किया भी जा रहा है, वहां थाली की कीमत में बढ़ोत्तरी हो गई है। यह बढ़ोत्तरी तकरीबन 20 प्रतिशत तक है। उधर, प्याज के भाव में कुछ उतार आया है, लेकिन टमाटर लगातार ‘लाल’ हो रहा है।
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स्थिति पर नियंत्रण के लिए मंडी से भी एक टीम ने जाकर आठ स्थानों पर निरीक्षण किया। यहां भाव 80 रुपये प्रति किलो से भी ऊपर बिकते मिले। इस पर फुटकर विक्रेताओं को आड़े हाथ लिया गया। रेट कम न करने की स्थिति में काउंटर लगाकर टमाटर बेच दिए जाने का फंदा उन पर डाला गया।
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यह टीम अब अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित करेगी। मंगलवार को निरंजनपुर मंडी में टमाटर के थोक भाव 24 से 44 रुपए प्रति किलो के बीच रहे।
टमाटर की आवक अभी भी कम
मंडी में टमाटर की आवक अभी तक कम बनी हुई है। मंगलवार को भी 240 क्विंटल टमाटर की आवक हुई। यह पिछले कुछ दिन से चली आ रही आवक के जितनी ही है। आम दिनों के मुकाबले 400-500 क्रेट कम मंडी पहुंच रही है।
जहां दिखे बंगले, वहां 20 रुपए बढ़ा दिए
मंडी समिति की टीम ने पाया कि फुटकर विक्रेताओं का दाम बढ़ाने का अलग तरीका है। जहां उन्होंने बंगले देखे, वहां सब्जियों के रेट 20 रुपए ज्यादा पाए गए। इन स्थानों में राजपुर, रेसकोर्स, जाखन आदि शामिल रहे।
दावा-दो चार दिन में ठीक होगी स्थिति
दो चार दिन में स्थिति ठीक हो जाएगी। हल्द्वानी से भी टमाटर ठीक आ रहा है। वहां टमाटर ठीक पहुंचना शुरू हो गया है।
- विजय प्रसाद थपलियाल, सचिव मंडी समिति
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