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शर्मनाक: सरकारी अस्पताल में नहीं मिली डॉक्टर, गर्भवती ने पर्ची काउंटर पर ही दिया बच्चे को जन्म

Mon, 15 Apr 2019 10:11 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 15 Apr 2019 10:11 PM IST
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Pregnant women delivery on floor in Government hospital in champawat 
पर्ची काउंटर पर दिया बच्चे को जन्म - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बहुत बुरा है। यहां अस्पताल तो खोल दिए गए लेकिन विशेषज्ञ डाक्टर तैनात नहीं किए। नतीजन, मरीजों को आपात स्थिति में हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।

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बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की एक बानगी जिला अस्पताल में देखने को मिली। स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से बुड़ाखेत की गर्भवती महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया लेकिन महिला ने पर्ची काउंटर के पास ही एक बच्चे को जन्म दिया।
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बाद में जिला अस्पताल कर्मियों की मदद से मां और नवजात शिशु को वार्ड में ले जाया गया। अब जच्चा-बच्चा खतरे से बाहर हैं। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर स्थ्ति बुड़ाखेत गांव की गर्भवती भवानी देवी (35) पत्नी दिनेश राम को सोमवार सुबह अस्पताल लाया गया।
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डॉ. वर्षा का कहना है कि महिला को हायर सेंटर रेफर किया गया था। मौके पर मौजूद सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने 108 को कॉल किया। पति का कहना है कि पत्नी नीचे उतरी और कुछ ही देर पर्ची काउंटर के पास बेटे को जन्म दिया।

डॉ. वर्षा ने बताया कि गर्भवती महिला को रक्तश्राव हो रहा था। शिशु का वजन भी सामान्य से करीब डेढ़ किलो ज्यादा था। बाद में महिला को वार्ड में शिफ्ट किया गया। महिला की यह छठी संतान है। दंपती की पांच बेटियां हैं। 

जिले में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं 
चंपावत जिले में छोटे-बड़े कुल 23 सरकारी अस्पताल हैं, लेकिन जिला अस्पताल सहित किसी भी अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। एक साल पूर्व जिला अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट थीं, लेकिन उन्हें प्रतिस्थानी के आए बगैर कार्यमुक्त कर दिया गया। और जिस गायनोकोलोजिस्ट को यहां भेजा गया था, वह यहां कभी आई नहीं। सीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि हर महीने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।

जिला अस्पताल स्टाफ द्वारा मेरी पत्नी को हायर सेंटर रेफर करने के लिए कहा गया। हायर सेंटर जाने के लिए आपात सेवा 108 को कॉल किया जा रहा था। इस बीच, हायर सेंटर भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही थी कि पत्नी को तेज दर्द हुआ। अस्पताल परिसर के पर्ची काउंटर के पास पत्नी एक कोने में गई, तभी उसने बेटे को जन्म दिया। 
-दिनेश राम, प्रसूता का पति

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