उत्तरकाशी: सड़क नहीं थी तो प्रसव पीड़ा में ही पांच किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंची गर्भवती, हालत बिगड़ी
- रक्तचाप बढ़ने पर डॉक्टरों ने किया हायर सेंटर रेफर
- कंडाऊं गांव में सड़क नहीं होने से लोग आए दिन झेलते हैं दिक्कतें
विस्तार
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में कंडाऊं गांव में सड़क नहीं होने से एक गर्भवती महिला पांच किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंची। घंटों पैदल चलने से महिला का रक्तचाप बढ़ गया, जिस पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
कंडाऊं गांव की करीब साढ़े छह किमी लंबा मोटर मार्ग स्वीकृत है, लेकिन सरकारी तंत्र की धीमी चाल के कारण दो साल बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीणों को नजदीकी मोटर मार्ग तक पहुंचने के लिए करीब पांच किमी की दुर्गम पैदल दूरी नापनी पड़ती है।
बृहस्पतिवार को गांव की एक गर्भवती महिला बीना देवी पत्नी प्रकाश डोभाल को प्रसव पीड़ा होने के बाद पैदल ही पांच किमी का सफर तय करना पड़ा। नजदीकी मोटर मार्ग तक पहुंचने के बाद उसे प्राइवेट वाहन से दस किमी दूर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने रक्तचाप अधिक होने के कारण महिला की हालत गंभीर होती देख उसे हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया।
पहले भी मुसीबत झेल चुके ग्रामीण
प्रधान सीमा सेमवाल ने बताया कि पैदल सफर करने के कारण गर्भवती महिला करीब चार घंटे देरी से अस्पताल पहुंची, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। सड़क के अभाव में आए दिन ग्रामीणों को इस प्रकार की दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं, जबकि बारिश के मौसम में पैदल रास्ते अधिक जोखिम भरे हो जाने के कारण हालात और भी बदतर हो जाते हैं। उन्होंने शासन प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है।
कंडाऊं गांव से अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ गया था, जिससे सुरक्षा के दृष्टिगत उसे हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया है।
-डॉ. निधि रावत, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी नौगांव।