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बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं ने ली गर्भवती की जान
ब्यूरो / अमर उजाला, त्यूनी
Updated Sun, 25 Sep 2016 08:00 PM IST
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बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और लचर सरकारी सिस्टम ने गर्भवती महिला की जान ले ली। भटाड़ एलोपैथिक अस्पताल और सीएचसी त्यूनी में चिकित्सक नहीं होने के कारण निजी वाहन से हायर सेंटर ले जाते समय महिला ने रास्ते में दम ही तोड़ दिया।
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इस घटना ने एक बार फिर जौनसार बावर में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है। वहीं, मामले में 108 एंबुलेंस सेवा की लापरवाही भी सामने आई है। हायर सेंटर रेफर करने के बाद एंबुलेंस कर्मियों ने गाड़ी में डीजल नहीं होने की बात कहकर महिला को ले जाने से इनकार कर दिया था।
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अमिता (25) पत्नी करन निवासी डेरनाड़, तहसील त्यूनी को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर सुबह साढ़े आठ बजे निकट के भटाड़ स्थित एलोपैथिक सेंटर पहुंचे। लेकिन यहां चिकित्सक नहीं होने के कारण परिजन निजी वाहन से महिला को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी के लिए रवाना हुए।
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रास्ते में ओभरासेर के समीप पहुंची 108 एंबुलेंस सेवा के जरिये महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी में भर्ती कराया गया। लेकिन यहां भी डॉक्टर के नहीं होने पर फार्मासिस्ट ने ही गर्भवती महिला का चेक अप किया।
अधिक ब्लीडिंग और खून की कमी होने पर फार्मासिस्ट ने महिला को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजनों ने 108 सेवा के कर्मियों से एंबुलेंस उपलब्ध कराने को कहा। लेकिन वाहन में डीजल नहीं होने की बात कहकर स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए।
किसी तरह परिजन निजी वाहन से ही महिला को लेकर विकासनगर रवाना हो गए। लेकिन अटाल तक पहुंचते-पहुंचते महिला ने दम तोड़ दिया। महिला का एक तीन वर्ष का भी बच्चा है। उसकी मौत से परिवार में मातम छा गया है। वहीं, प्रधान मंगतराम और बीडीसी दीपमाला ने महिला की मौत के लिए बदहाल स्वास्थ्य सेवा और 108 एंबुलेंस सेवा को जिम्मेदार ठहराया है।
भटाड़ में मिलता इलाज तो बच सकती थी जान
अगर महिला को भटाड़ एलोपैथिक अस्पताल में इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। करीब दो महीने पहले यहां से डॉक्टर का तबादला हो गया। इसके बाद से यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई। इसके अलावा कुछ माह पहले यहां तैनात फार्मासिस्ट की मौत हो गई थी। तबसे फार्मासिस्ट का पद भी खाली पड़ा है। करीब दो दर्जन गांव का केंद्र बिंदु यह अस्पताल महज वॉर्ड ब्वॉय के हवाले है। भटाड़ से त्यूनी करीब 48 किमी दूर है। गंभीर हालत में इतनी दूरी तय करने पर महिला की हालत और खराब हो गई थी। मामले में महिला के परिजनों ने दोनों अस्पताल में चिकित्सकों का न होना और 108 सेवा पर मौत का कारण बताया है।
मामला गंभीर है और इसकी जांच कराई जाएगी। एलोपैथिक अस्पताल भटाड़ में डॉक्टर की तैनाती नहीं होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने पर प्रबंधन को भी लिखा जाएगा।
- डॉ. वाईएस थपलियाल, सीएमओ