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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Pre-Budget Dialogue: Budget 2022, Dhami Government Budget, Loss of five thousand crores to state due to non-receipt of GST compensation

Budget 2022: जीएसटी मुआवजा न मिलने से राज्य को पांच हजार करोड़ का नुकसान, सीएम ने कहा- भरपाई की दिशा में हमें सोचना होगा

Fri, 20 May 2022 08:03 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 20 May 2022 08:03 AM IST
सार

वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट तैयार करने के लिए पहली बार प्रदेश सरकार जन सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संवाद कार्यक्रम कर रही है। इससे उत्तराखंड के बजट में उनकी इच्छा के अनुरूप कल्याणकारी योजनाओं को शामिल किया जाएगा।

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Pre-Budget Dialogue: Budget 2022, Dhami Government Budget, Loss of five thousand crores to state due to non-receipt of GST compensation
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जीएसटी में केंद्र सरकार की ओर से दी गई छूट की अवधि समाप्त हो रही है। इससे राज्य को पांच हजार करोड़ राजस्व नुकसान होने का अनुमान है। इसकी भरपाई की दिशा में सोचना है।’ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बात गुरुवार को अपने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में कही। राज्य का बजट सामान्य जनता का बजट बने इसके लिए नैनीताल के बाद देहरादून में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

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उन्होंने कहा कि  उत्तराखंड धर्म और आध्यात्म का केंद्र है। राज्य की पारिस्थितिकी और आर्थिकी को साथ लेकर चलना है। उत्तराखंड आत्मनिर्भर तभी बनेगा जब हम सब अपने दायित्वों का सही ढंग में निर्वहन करें। सरकार की ओर से तैयार किए जा रहे बजट में आम जनता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
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इसके लिए बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। जिसमें उद्योग, व्यापार, होटल, पर्यटन, कृषि आदि विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त हुए है। इन सुझावों का समावेश बजट में किया जाएगा। राजकीय कोष को बढ़ाने के लिए कर राजस्व को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ ही अनेक महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाया जाएगा।
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सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। इसके लिए यह जरूरी है कि उद्यमी युवाओं के मददगार बने।  वित्त मंत्री प्रेमचद अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में पहली बार बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास की परिकल्पना भी साकार होगी। इस मौके विधायक खजान दास, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।

पूर्व बजट संवाद में ये दिए सुझाव

नए आईटीआई खोलने और नए ट्रेड को मिले बढ़ावा

पीएचडी चेंबर आफ कामर्स इंडस्ट्री के अध्यक्ष हेमंत कोचर ने सुझाव दिया कि प्रदेश में उद्योगों के सामने दक्ष मानव संसाधन की कमी है। प्रदेश में नए आईटीआई स्थापित करने के उद्योगों की मांग के अनुरूप ट्रेड शुरू करने के लिए बजट में व्यवस्था होनी चाहिए। पर्यटन उद्योग में प्रत्यक्ष राजस्व को कम कर अप्रत्यक्ष राजस्व पर फोकस किया जाए। इज आफ डूईंग बिजनेस की वेबसाइट को यूजर फ्रैंडली बनाने के लिए कुछ किया जाना चाहिए। 

बाहर से आने वाले वाहनों पर लगे इनवायरमेंट टैक्स
उत्तराखंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील उनियाल और महासचिव महेश शर्मा ने सुझाव दिया कि बजट में हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड से बाहर की गाड़ियों पर इनवायरमेंट टैक्स लगाया जाए। उद्योगों को नेचुरल मिनरल वाटर और गंगा जल को उपयोग करने की छूट दी जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। छोटे व्यापारियों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार को बैंकों के साथ एमओयू करना चाहिए।

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उत्तराखंड आने वाले सैलानियों का अध्ययन होना चाहिए
सीए वीरेंद्र कालरा ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कारोबारी व कंपनियों जो बाहर से प्रदेश में बिजनेस कर रही है। ऐसे में लोगों को चिह्नित किया जाना चाहिए कि आखिर वे प्रदेश में अपने कार्यालय या उद्यम स्थापित कर कारोबार क्यों नहीं करना चाहते हैं? साथ ही फ्लोटिंग आबादी के लिए प्रदेश में आईटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के साथ गांव तक ब्राडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराने का बजट में व्यवस्था होनी चाहिए। बाहरी राज्यों से आने वालों द्वारा किए गए काम का अध्ययन होना चाहिए।

गांव में खोले जाएं कम्युनिटी सेंटर 

ऋषिकेश से राकेश पंत ने सुझाव दिया कि एडवेंचर को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश के पास के गांवों में कम्युनिटी सेंटर स्थापित किए जाएं जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। देश दुनिया के पर्यटक रिवर राफ्टिंग व एडवेंचर के लिए आ रहे हैं लेकिन प्रदेश में गाइड नहीं मिल रहे हैं।

अस्वस्थ लोग चारधाम यात्रा पर न आएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अस्वस्थ या मेडिकली फिट नहीं है, वे चारधाम यात्रा पर न आएं। उन्होंने कहा कि यात्रा में भगदड़ या किसी अन्य अव्यवस्था के कारण किसी की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने सभी होटल व ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों से अपेक्षा की है कि यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करे। जब हम यहां आने वालों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे तो वे बार-बार यहां आएंगे। देश व दुनिया में राज्य की बेहतर पहचान बनेगी।     

ये रहे मौजूद
बीज बचाओ अभियान के प्रणेता विजय जड़धारी, पद्मश्री प्रेम चंद शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी मधु चौहान,  सोना सजवाण, नगर निगम मेयर सुनील उनियाल गामा, ऋषिकेश की मेयर अनिता ममगाईं, मेयर के अनुज गोयल, प्रांतीय उद्योग व्यापर मंडल अध्यक्ष  अनिल गोयल, सोनिया गर्ग, पीएचडी चेंबर आफ कामर्स इंडस्ट्री के अध्यक्ष हेमंत कोचर, सिडकुल मेन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन हरेंद्र गर्ग, लघु उद्योग संगठन के कैलाश नागला, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, होम स्टे संगठन से हर्षित सहगल, एडवेंचर टूरिज्म से राकेश पंत, ताज होटल ग्रुप के जीकेशर्मा, चार्टट एकाउन्टेंट एसोसिएशन के सीए वीरेंद्र कालरा, सीए राजेश गुप्ता, चारधाम ट्रेवल से अभिषेक अहालूवालिया, रुड़की इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से केतन भारद्वाज, प्रांतीय उद्योग व्यापार संगठन से विनय गोयल, डॉ. किरन पुरोहित, कुंदन सिंह पंवार, और हरेंद्र पाल सिंह नेगी। 

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