फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Prayagraj is also a confluence of ideologies: Bisht

प्रयागराज सिर्फ नदियों का नहीं वरन विचारधाराओं का भी संगम - न्यायमूर्ति बीके बिष्ट

Mon, 19 Sep 2022 12:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 12:45 AM IST
सार

इस दौरान जहां पुरातन छात्रों ने विवि के गौरवशाली इतिहास के साथ ही छात्र जीवन के यादगार पलों को याद किया, वहीं विवि में शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताने के साथ ही गौरवशाली इतिहास को दोबारा स्थापित करने का संकल्प लिया। इस मौके पर आयोजक मंडल के अध्यक्ष रवींद्र गोडबोले, प्रवीण टंडन, मनीष तिवारी, अपर सचिव ओंकार सिंह आदि मौजूद थेे। कई दशक बाद मिले तो आंखें डबडबाईं अधिवेशन में तमाम ऐसे पुरातन छात्र शामिल हुए जो विवि में पढ़ाई के चार दशक मिले।

विज्ञापन
Prayagraj is also a confluence of ideologies: Bisht
आईएसबीटी के समीप स्थित द इंस्टिट्यूशनप ऑफ इंजीनियर्स के सभागार में आयोजित इलाहबाद विश्वविद्या? - फोटो : DEHRADUN

विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुरातन छात्र परिषद का अधिवेशन इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियर्स सभागार में धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। अधिवेशन में उत्तराखंड के साथ ही देश के कई राज्यों के पुरातन छात्र पहुंचे थे। इस दौरान जहां पुरातन छात्रों ने विवि के गौरवशाली इतिहास के साथ ही छात्र जीवन के यादगार पलों को याद किया, वहीं विवि में शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताने के साथ ही गौरवशाली इतिहास को दोबारा स्थापित करने का संकल्प लिया। अधिवेशन में कई पुरातन छात्र चार दशक मिले तो उनकी आंखें डबडबा गईं।
विज्ञापन

अधिवेशन के मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायमूर्ति एवं उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष वीके बिष्ट ने कहा कि जीवन में सफलता का मूल मंत्र समयबद्धता है। प्रयागराज सिर्फ तीन नदियों का संगम नहीं, बल्कि विचारधाराओं का भी संगम है। विवि ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ देश के विकास में अहम योगदान दिया है। प्रयागराज की पवित्र भूमि पर ही चंद्रशेखर आजाद जैसे महान क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया। विवि महान साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की कर्मस्थली रही है।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति एमएम घिल्डियाल ने कहा कि विवि ने महान साहित्यकारों महादेवी वर्मा, डॉ. रामकुमार वर्मा, भगवती चरण वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, फिराक गोरखपुरी, डॉ. हरिवंश राय बच्चन जैसे लोगों की कर्मस्थली रही है। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में विवि ने जो योगदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस दौरान पुरातन छात्रों ने विवि में पढ़ाई के दौरान बिताए गए पलों को याद करते हुए कई संस्मरण भी सुनाए। इस मौके पर आयोजक मंडल के अध्यक्ष रवींद्र गोडबोले, प्रवीण टंडन, मनीष तिवारी, अपर सचिव ओंकार सिंह आदि मौजूद थेे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई दशक बाद मिले तो आंखें डबडबाईं
अधिवेशन में तमाम ऐसे पुरातन छात्र शामिल हुए जो विवि में पढ़ाई के चार दशक मिले। कई पुरातन छात्र अपने साथियों को पहचान ही नहीं पाए। जान पहचान होने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर पुराने दिनों को याद किया। इस दौरान उनकी आंखें भी नम हो गईं। कई ऐसे पुरातन छात्र भी मिले जिन्होंने विवि में पढ़ाई करने के साथ ही नौकरी की, लेकिन कभी मिल नहीं पाए। अधिवेशन में सेवानिवृत्ति के बाद मुलाकात हुई।
नमकीन और समोसे का उठाया लुत्फ
पुरातन छात्रों के लिए आयोजकों की ओर से प्रयागराज से विशेष तौर पर चर्चित हरिराम के समोसे, नमकीन मंगवाया था। कई ने 40 साल बाद समोसे और जमीन की नमकीन का जमकर लुत्फ उठाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मची रही धूम
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने गीत गाकर समा बांध दिया, जिसका पुरातन छात्रों ने जमकर आनंद उठाया। इस दौरान हास्य व्यंग का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। हास्य कलाकार बलबीर सिंह खिचड़ी ने पुरातन छात्रों को जमकर गुदगुदाया।

इन्होंने भी संबोधित किया
न्यायमूर्ति शरद शर्मा, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, परिषद के अध्यक्ष एसके सिंह, महासचिव नवीन चंद्रा, उपाध्यक्ष डीसी श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष विकास शर्मा, परिषद के भोपाल संयोजक राजेश बहुगुणा, बरेली संयोजक डॉ. केबी त्रिपाठी आदि।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed