फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Praveen sitting on fast unto death for Gairsain permanent capital

गैरसैंण स्थाई राजधानी के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रवीण

Mon, 13 Dec 2021 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 13 Dec 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
Praveen sitting on fast unto death for Gairsain permanent capital
गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाए जाने को लेकर 14 दिन की जेल काट चुके प्रवीण काशी फिर से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। रविवार को प्रवीण गांधी पार्क के मुख्य गेट पर आमरण अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने पर सभी दल सियासत करते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन

आमरण अनशन पर बैठे प्रवीण काशी ने बताया कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर 2018 में त्रिवेंद्र सरकार के समय उन्होंने गैरसैंण विधानसभा सत्र घेराव किया था। इस मामले पर उन पर मुकदमा चला। इसी के तहत 14 सितंबर को चमोली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और गोपेश्वर जेल में डाल दिया। जेल में उन्होंने 14 से 28 सितंबर तक आमरण अनशन किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 28 सितंबर को गोपेश्वर पहुंचकर उनका अनशन तुड़वाया था और अपने घोषणा पत्र में गैरसैंण को प्रमुखता से उठाने का आश्वासन दिया था। ऐसे में अब प्रवीण काशी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि विपक्ष के होते हुए भी सदन के भीतर नेता प्रतिपक्ष की ओर से यह मसला नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने को लेकर सियासत तो करते हैं लेकिन उस पर कोई अमल नहीं करता। ऐसे में एक बार फिर उन्हें मजबूरन आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है। गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित किए जाने की मांग को लेकर प्रवीण काशी के समर्थन में उतरे अन्य संगठनों की ओर से भी गांधी पार्क में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। प्रवीण ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थाई राजधानी नहीं बनाती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed