सांसद पिता के लिए स्कूल छोड़ पहाड़ चढ़ रही ये बेटी
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चुनाव बड़े-बड़ों का चैन छीन लेता है, मगर यहां एक छात्रा पढ़ाई छोड़कर लोकसभा चुनाव प्रचार में जुटी है। 14 वर्ष की यह बालिका सांसद प्रदीप टम्टा की बेटी है।
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वह दिल्ली के स्कूल से एक माह की छुट्टी लेकर पिता का मनोबल बढ़ाने के लिए निकली है।
अल्मोड़ा के सांसद और कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा की बेटी प्रज्ञा दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल में नौंवी में पढ़ रही है, लेकिन पिता के चुनाव की खातिर उन्होंने एक माह का अवकाश लिया है।
उम्र भले कम, पर प्रचार में दम
दिल्ली से आकर पहाड़ की पगडंडियों को नापते हुए वह पिता के लिए वोट मांगने निकलती हैं। प्रज्ञा की उम्र बेशक कम है, लेकिन उनके प्रचार का तरीका परिपक्व है।
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देश के कई हिस्सों में सत्ता विरोधी लहर झेल रही कांग्रेस के लिए वोट मांगने को उन्होंने विकास को मुख्य मुद्दा बनाया है।
कहती हैं कि संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले पहाड़ के चार जिलों के 60 से अधिक गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से जोड़ा है।
लोगों की दिक्कतों को दूर करने के लिए मेरे पिता ने सड़क से संसद तक आवाज उठाने में कोई कसर नहीं रखी।
पिता पर लग रहे आरोपों से आहत
सांसद के क्षेत्र से गायब रहने के विपक्ष के आरोप से प्रज्ञा बेहद आहत हैं। कहती हैं कि पिता प्रदीप टम्टा का अधिकतर समय पहाड़ों में ही बीता है। यहां तक कि 2010 में बागेश्वर में हुए सुमगढ़ स्कूल हादसे के दौरान पिता पार्लियामेंट में थे।
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हादसे की खबर सुनते ही वह फौरन संसद सत्र को छोड़ कर घटना स्थल को रवाना हो गए थे।
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सामाजिक कार्यों में रुचि रखने वाली प्रज्ञा ने बताया कि वैसे तो प्रचार के दौरान पिता के साथ कई लोग रहेंगे, लेकिन मानसिक मजबूती देने को वह पिता के साथ पूरे संसदीय क्षेत्र में घूमेंगी। इस दौरान पिता के पक्ष में मतदान करने को लोगों से आग्रह करेंगी।