रूस-यूक्रेन का साइड इफेक्ट: उत्तराखंड पर छाया अंधेरे का खतरा, बिजली आपूर्ति में आई कमी
रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उत्तराखंड में भी बिजली किल्लत होने लगी है। गैस महंगी होने से गैस आधारित पावर प्लांट से विद्युत आपूर्ति भी रुक गई। लगातार 40 मिलियन यूनिट से ऊपर बिजली की मांग जा रही है।
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर उत्तराखंड में भी नजर आ रहा है। उत्तराखंड में बिजली आपूर्ति में कमी आ गई है। खुद उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने यह स्वीकार किया है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने सोमवार को ऊर्जा निगम मुख्यालय में प्रेसवार्ता की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिजली की डिमांड 40 मिलियन यूनिट से ऊपर जा रही है जबकि बिजली की सामान्य उपलब्धता करीब 27 से 29 मिलियन यूनिट है। उन्होंने बताया कि चूंकि रूस और यूक्रेन के युद्ध की वजह से गैस महंगी हो गई है और आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
इसलिए गैस आधारित पावर प्लांट्स से बिजली की आपूर्ति भी बंद हो गई है। उत्तराखंड के पावर प्लांट्स भी गैस महंगी होने की वजह से बंद हैं। नेशनल एक्सचेंज में भी इसकी वजह से लगातार किल्लत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रोजाना यूपीसीएल को औसतन 10 मिलियन यूनिट बिजली खरीदनी पड़ रही है।
12 रुपये से अधिक दाम पर नहीं बिकेगी बिजली
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) ने विद्युत उत्पादकों की मनमानी पर रोक लगा दी है। इससे यूपीसीएल को भी राहत मिली है। जानकारी के मुताबिक, सीईआरसी ने साफ कर दिया है कि नेशनल एक्सचेंज में बिजली के अधिकतम दाम 12 रुपये प्रति यूनिट ही लिए जा सकते हैं। अभी तक पीक ऑवर के हिसाब से कई उत्पादक 20 रुपये तक के दाम में अपनी बिजली बेच रहे थे।
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फिलहाल कटौती से राहत
ऊर्जा निगम प्रबंधन का कहना है कि फिलहाल करीब 40 मिलियन यूनिट की डिमांड के सापेक्ष बिजली उपलब्ध हो रही है। रविवार को करीब 37.5 मिलियन यूनिट की डिमांड थी। सोमवार को भी यूपीसीएल ने पूरा इंतजाम किया हुआ था। यूपीसीएल के एसई ने बताया कि मंगलवार के लिए भी इंतजाम पूरा कर लिया गया है।