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सर्दियां बढ़ेंगी तो घटेगा बिजली उत्पादन
ब्यूरो / अमर उजाला, चमोली/उत्तरकाशी
Updated Mon, 01 Dec 2014 11:58 AM IST
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सर्दियां शुरू होते ही गंगा भागीरथी समेत अधिकांश नदियों के जल प्रवाह में गिरावट आई है।
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अगले तीन महीनों में और घटेगा उत्पादन
इसका सीधा असर जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ रहा है। आलम यह है कि उत्पादन घटकर लगभग एक तिहाई हो गया है। आने वाले तीन महीनों में इसे और घटने की संभावना है।
उत्तराखंड की हाइड्रो परियोजनाओं से यूपी और अन्य स्थानों को बिजली मिलती है। इससे बिजली संकट में और इजाफा होने की आशंका है।
चमोली जिले की पांच जल विद्युत परियोजनाओं से वर्तमान में यूपीसीएल उत्तराखंड को 14 मेगावाट (एक करोड़ 40 लाख यूनिट) बिजली मिल रही है। जबकि अगस्त माह में 32 मेगावाट (3 करोड़ 20 लाख यूनिट) बिजली प्राप्त हो रही थी।
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उल्लेखनीय है कि परियोजनाओं से उत्पादित बिजली यूपी तथा केंद्र तथा अन्य प्रदेशों को मिलती है। चमोली में अलकनंदा, ऋषि गंगा, बिरही गंगा और नंदाकिनी नदी विद्युत परियोजनाएं स्थापित हैं।
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उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने की दर में कमी आने नदियों का जल प्रवाह काफी कम हो गया है इससे विद्युत उत्पादन कम हो गया है।
चमोली और उत्तरकाशी में विद्युत उत्पादन की स्थिति
प्रोजेक्ट - क्षमता - विद्युत उत्पादन
बिरही गंगा - 7.2 - 2 मेगावाट
विष्णुप्रयाग - 400 मेगावाट - 120 मेगावाट (इससे यूपी को बिजली मिलती है)
ऋषि गंगा - 13.2 मेगावाट - 2 मेगावाट
हिम ऊर्जा - 18 मेगावाट - 7 मेगावाट
चमोली हाइड्रो - 5 मेगावाट - 1.2 मेगावाट
मनेरी भाली प्रथम - 2.16 - .6 मेगावाट
मनेरी भाली द्वितीय - 6.5 मेगावाट - 2 मेगावाट
अपने पीक सीजन में उत्तरकाशी जिले में स्थित मनेरी भाली प्रथम से 2.16 मेगावाट और मनेरी भाली द्वितीय से 6.5 मेगावाट बिजली प्रतिदिन उत्पादित होती है। मनेरी भाली की दोनों यूनिटों का सम्मिलित उत्पादन वर्तमान में महज 2.26 मेगावाट रह गया है।
उत्पादन घटने का सीधा संबंध नदी के जल प्रवाह से है। भागीरथी में जून से सितंबर माह के बीच रोजाना 300 क्यूमेक्स से ज्यादा पानी बहता है। आजकल भागीरथी में करीब 35 क्यूमेक्स से कम पानी बह रहा है।
यूपीसीएल (उत्तराखंड) को चमोली जिले में स्थित पांच परियोजनाओं से करीब 14 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है। अगस्त में 32 मेगावाट बिजली मिल रही थी। नदियों में जलप्रवाह कम होने से ऐसा हुआ है।
- वीरेंद्र पंवार, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम
पीक हावर्स में रोजाना 0.6 मेगावाट यूनिट उत्पादन हो रहा है। जो परियोजना का न्यूनतम उत्पादन है।
- अंबरीश यादव, ईई मनेरी भाली प्रथम उत्तरकाशी
यहां रोजाना 2 मेगावाट यूनिट उत्पादन हो रहा है। अगले तीन माह में वाटर डिस्चार्ज में और गिरावट आने पर रोजाना करीब एक मिलियन यूनिट उत्पादन हो पाएगा।
- विपिन बिहारी सिंघल, डीजीएम मनेरी भाली द्वितीय