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उत्तराखंड में गहरा सकता है बिजली संकट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 14 Nov 2013 11:11 PM IST
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उत्तराखंड में बिजली का संकट और अधिक गहरा सकता है। दक्षिण गुजरात के 4000 मेगावाट के कोल पावर प्लांट में आग लगने के कारण यह असर दिखना शुरू हो गया है।
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बृहस्पतिवार को दो के बजाए चार घंटे हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती की गई। इसके अलावा छोटे शहरों में भी तीन घंटे की रोस्टिंग की गई, जबकि औद्योगिक क्षेत्रों में भी दो घंटे की कटौती शुरू कर दी गई है।
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उत्पादन लगातार हो रहा है कम
आग लगने की खबर के बाद नार्थ इंडिया के ग्रिड से बिजली ओवर ड्रा करने के लिए सभी राज्यों को मना कर दिया गया है। इसके कारण उत्तराखंड में बिजली संकट खड़ा होने की आशंका है।
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इसका कारण यह है कि प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादन लगातार कम हो रहा है। वर्तमान में उत्पादन महज आठ मिलियन यूनिट (80 लाख यूनिट) तक सिमट गया है।
दूसरे विकल्पों पर किया विचार
शेष बिजली की आपूर्ति केंद्रीय शेयर और खरीदकर की जा रही है। इसके बावजूद आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है, जिसके कारण कटौती करनी पड़ रही थी। ऐसे में जहां से बिजली खरीदी जा रही थी, वहीं से संकट खड़ा हो गया है।
दूसरी ओर ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव का कहना है कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे कटौती कम से कम करनी पड़े।