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Uttarakhand: बिजली की मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने से रोजाना कटौती, गैस प्लांट चलाया फिर भी नहीं राहत

Tue, 30 Jan 2024 11:49 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 30 Jan 2024 11:49 AM IST
सार

बिजली किल्लत को नियंत्रित करने के लिए ग्रामीण इलाकों में चार घंटे तक कटौती की जा रही, जबकि छोटे कस्बों में डेढ़ घंटे तक, फर्नेश इंडस्ट्री में भी औसत पांच घंटे कटौती करनी पड़ रही है

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Power Crisis in Uttarakhand Gas plant also operated but no relief from power cuts
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश में बिजली की मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने से रोजाना कटौती हो रही है। सोमवार को भी ग्रामीण क्षेत्रों में दो से चार घंटे तक कटौती की गई। वहीं, छोटे कस्बों में भी एक से डेढ़ घंटे की कटौती हुई।

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यूपीसीएल ने किल्लत को नियंत्रित करने के लिए काशीपुर स्थित गैस प्लांट भी चला दिया है। हालांकि, अभी भी यूपीसीएल रोजाना 50 से 70 लाख यूनिट बाजार से खरीदने को मजबूर है। ठंड में बिजली की मांग 4.8 करोड़ यूनिट पार हो रही है। यूजेवीएनएल से करीब 80 लाख यूनिट ही मिल पा रही है। अब यूपीसीएल ने गैस पावर प्लांट चलाया है, जिससे रोजाना करीब 40 से 45 लाख यूनिट मिल रही है।

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कुल मांग के सापेक्ष बाजार से महंगी बिजली खरीद में यूपीसीएल का दम फूल रहा है। उधर, इस किल्लत को नियंत्रित करने के लिए ग्रामीण इलाकों में चार घंटे तक कटौती की जा रही, जबकि छोटे कस्बों में डेढ़ घंटे तक, फर्नेश इंडस्ट्री में भी औसत पांच घंटे कटौती करनी पड़ रही है। हालांकि, यूपीसीएल ने जनवरी माह की रिपोर्ट में महीनेभर में औसत 24 घंटे कटौती तक ही दावा किया है।

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यूपीसीएल के निदेशक परियोजना अजय अग्रवाल का कहना है कि फिलहाल मांग के हिसाब से ग्रामीण इलाकों में कुछ देर कटौती करनी पड़ रही है। रोजाना बाजार से बिजली खरीदने के अलावा उन्होंने काशीपुर स्थित गैस पावर प्लांट भी चला दिया है।

यूजेवीएनएल का उत्पादन कम

वैसे तो सर्दियों में यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन कम हो जाता है, लेकिन इस साल अभी तक बारिश या बर्फबारी न होने से उत्पादन गिरा हुआ है। रोजाना करीब 80 लाख यूनिट तक ही विद्युत उत्पादन हो पा रहा है। यूजेवीएनएल की एक-दो परियोजनाओं से उत्पादन बाधित भी चल रहा है।

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पांच साल में जनवरी भारी, बिजली मांग 4.8 करोड़ पार

यूपीसीएल के लिए पिछले पांच साल में इस साल जनवरी माह में बिजली की मांग भारी पड़ी है। 2020 में जनवरी माह में औसत मांग चार करोड़ यूनिट, 2021 में 4.2 करोड़ यूनिट, 2022 में 4.4 करोड़ यूनिट, 2023 में 4.6 करोड़ यूनिट और इस साल जनवरी माह में 4.8 करोड़ यूनिट से ऊपर मांग पहुंची है। यूपीसीएल प्रबंधन के लिए ऐसे हालात में बाजार पर निर्भरता बढ़ती जा रही है।

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