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पावर बैंक ठगी मामला: ईडी ने भी दर्ज किया मुकदमा, एप के माध्यम से हुई थी 400 करोड़ से अधिक की ठगी

Wed, 10 Aug 2022 08:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 10 Aug 2022 08:47 PM IST
सार

कार्रवाई की शुरुआत जून 2021 में उत्तराखंड से हुई थी। हरिद्वार निवासी एक युवक से 15 दिन में धन दोगुना करने का लालच देकर 12 लाख रुपये ठगे गए थे। इसके बाद एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कर जांच की और आठ जून 2021 को एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।

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Power bank swindler case: ED also filed Lawsuit in Approx 400 crore rupees Fraud
ईडी(प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

चर्चित पावर बैंक एप से ठगी के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मुकदमा दर्ज किया है। एप के माध्यम से लोगों का धन दोगुना करने का झांसा देकर देशभर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई थी। साइबर ठगों ने सुनियोजित ढंग से देश का पैसा क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजा था। ठगी में देशभर के कुछ चार्टेड एकाउंटेंट और कुछ कंपनियां भी शामिल हैं।

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इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत जून 2021 में उत्तराखंड से हुई थी। हरिद्वार निवासी एक युवक से 15 दिन में धन दोगुना करने का लालच देकर 12 लाख रुपये ठगे गए थे। इसके बाद एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कर जांच की और आठ जून 2021 को एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दूसरे राज्यों की पुलिस भी सक्रिय हुई और फिर देशभर में 250 से अधिक मुकदमे दर्ज हुए। दिल्ली, बंगलूरू, उत्तराखंड, हरियाणा की पुलिस ने इस मामले में 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।
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उत्तराखंड एसटीएफ ने कुल 30 बैंक खातों में पांच करोड़ रुपये से अधिक फ्रीज कराए थे। लुधियाना के एक कारोबारी को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसी क्रम में ईडी की एक टीम उत्तराखंड एसटीएफ के पास पहुंची थी। यहां से इस केस के संबंध में तमाम दस्तावेज जुटाए गए। इसके बाद ईडी ने इस मामले में एक क्रिप्टो एक्सचेंज, 11 कंपनियों (फर्जी कंपनियां और उनके डायरेक्टर), चार चार्टेड अकाउंटेंट आदि के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 
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हालांकि, इस पूरे मामले में उत्तराखंड निवासी किसी आरोपी का नाम नहीं है। लिहाजा, इस मुकदमे की जांच ईडी की दिल्ली ब्रांच में की जा रही है। ईडी के स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ से कुछ और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसमें चीनी मूल के कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनके लिए उत्तराखंड एसटीएफ पहले ही इंटरपोल को लिख चुकी है। अब ईडी भी इंटरपोल से पत्राचार कर रही है।

क्रिप्टो एक्सचेंज के 64 करोड़ हुए फ्रीज 

इस मामले में क्रिप्टो एक्सचेंज वजीरएक्स का नाम सामने आया था। ईडी ने पहले मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नोटिस जारी किया था। इसके बाद एक्सचेंज के डायरेक्टर और डेवलपर के ठिकानों पर छापे मारे थे। इस एक्सचेंज के 64 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज करा दिए गए हैं। अब ईडी इस मामले में और भी कार्रवाई कर सकती है।

ऐसे होती थी ठगी

गूगल प्ले स्टोर पर पावर बैंक नाम से मोबाइल एप्लीकेशन था। दावा किया जाता था कि इसमें धन जमा करने पर 15 दिनों में दोगुना हो जाएगा। लोग इसमें अपनी मर्जी से पैसा जमा करते थे। कुछ दिनों तक बढ़ा हुआ पैसा दिया जाता था, लेकिन 10 या 15 दिन बाद पैसा आना बंद हो जाता था। इस तरह पूरे देश में हजारों लोगों को ठगा गया। इसकी शुरुआत हांगकांग से बताई गई थी। शुरुआती जांच में ही इसमें चीन के कुछ मोबाइल एप डेवलपर्स की भूमिका सामने आई थी, लेकिन दूसरे देश के नागरिक होने के नाते भारतीय राज्यों की पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं कर सकी। लिहाजा, कई बार इंटरपोल से पत्राचार हुए हैं।

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