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पार्क पर निजी स्कूल का कब्जा

Mon, 07 Oct 2013 11:07 AM IST
अमर उजाला, ऋषिकेश
अमर उजाला, ऋषिकेश Updated Mon, 07 Oct 2013 11:07 AM IST
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possession of the private school park

नगर पंचायत मुनिकीरेती क्षेत्र में स्थापित पार्क लावारिस हालत में हैं। इन पर कोई भी अपना अधिकार कायम कर सकता है। निकाय प्रशासन की अनदेखी के चलते पार्कों और इनके आसपास अतिक्रमणकारी काबिज हो रहे हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

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आस्थापथ के समीप निकाय के एक पार्क पर एक शिक्षण संस्थान ने कब्जा जमा लिया, मगर नगर पंचायत प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करने की बजाए नोटिस जारी कर चुप्पी साध ली।
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करीब डेढ़ लाख की लागत

नगर निकाय ने बीते वर्ष मुनिकीरेती में आस्थापथ के समीप खाली पड़ी सरकारी भूमि पर करीब डेढ़ लाख की लागत से पार्क का निर्माण कराया गया था। भूमि पर इससे पूर्व क्षेत्र में रहने वाले गरीब तबके के लोग झोपड़ियां डालकर रह रहे थे, जिन्हें नगर पंचायत ने राजस्व विभाग के सहयोग से बल पूर्वक हटाया था।
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उस वक्त निकाय प्रशासन ने तर्क दिया था कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की आशंका में कार्रवाई की गई है। इसके बाद निकाय प्रशासन की ओर से चालू वित्तीय वर्ष 2012-13 में भूमि पर पार्क का निर्माण करा दिया गया।

करीब तीन महीने पहले पार्क से सटे एक संस्था के विद्यालय प्रबंधन की ओर से पार्क की चहारदीवारी को ध्वस्त कर इस पर स्कूल के खेल मैदान का विस्तारीकरण कर दिया। मगर इसके बाद निकाय प्रशासन ने कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा।

स्थानीय लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जे का विरोध करने पर निकाय प्रशासन ने संबंधित विद्यालय प्रबंध को नोटिस जारी कर कर्तव्यों की इतिश्री कर दी। आठ जुलाई को जारी नोटिस पर तीन महीने बाद भी नगर पंचायत और तहसील प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

क्या कहते हैं अधिकारी
नगर पंचायत के अवर अभियंता एएस मिश्रवाण ने माना कि स्कूल संस्था द्वारा निकाय के पार्क पर कब्जा कर बाउंड्रीवाल बनाई गई है। जिस पर उसे नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई के लिए तहसील प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। जल्द कार्रवाई कर पार्क को दोबारा बनाया जाएगा।


उधर, तहसीलदार एचसी जुयाल ने बताया कि उक्त मामला संज्ञान में नहीं है। निकाय प्रशासन को पार्क पर अतिक्रमण होने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। बताया कि मामले को दिखवाया जाएगा।

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