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मातृभूमि और माता-पिता से किया वादा हुआ पूरा

Sun, 15 Dec 2013 09:40 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 15 Dec 2013 09:40 AM IST
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देहरादून स्थित आईएमए पीओपी में शनिवार को उस वक्त ऐतिहासिक क्षण सामने आया, जब थल सेना के पूर्व प्रमुख जनरल जेजे सिंह ने अपने बेटे कुलजीत कुमार को स्टार लगाए।

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वर्ष 1997 में लिया था गोद
कुलजीत को जनरल ने अपने कार्यकाल के दौरान गोद लिया था। खास बात यह है कि सिंह ने कुलजीत के बाद एक और बेटा गोद लेकर उसे सहारा दिया है। जनरल सिंह ने कश्मीर निवासी युवक कुलजीत कुमार को वर्ष 1997 में गोद लिया था।
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कुलजीत को पहले से ही आर्मी ज्वॉइन करने का शौक था। आर्मी स्कूल दिल्ली से पढ़ाई के बाद कुलजीत सेना में शामिल हुए। कड़ी मेहनत के बाद आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) के जरिये कुलजीत आईएमए पहुंचे और शनिवार को अधिकारी बन गए।

पीओपी के दौरान जनरल सिंह और उनकी पत्नी अनुपमा सिंह बेटे को अधिकारी बनता देख बेहद खुश नजर आए। जनरल सिंह और अनुपमा ने कहा कि आज उनकी जिंदगी का मकसद पूरा हो गया। बताया कि कुलजीत उसी मराठा इंफेंट्री में शामिल होगा, जिसमें कभी जनरल सिंह ने बतौर सेकेंड लेफ्टिनेंट ज्वाइन किया था।

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उधर, कुलजीत की खुशियों का तो ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा कि जनरल सिंह ने जो सपना देखकर उन्हें गोद लिया था, वह पूरा करने पर वह बेहद खुश हैं।

एक और बेटे को दिखाई दिशा
कुलजीत के बाद जनरल सिंह एक और बेटे को सेना में आगे बढ़ा रहे हैं। जनरल सिंह ने बताया कि उनका गोद लिया दूसरा बेटा जेम्स नार्थ ईस्ट से है। सैनिक स्कूल नागालैंड में पढ़ाई के बाद जेम्स ने इसी साल असम रेजीमेंट ज्वाइन की है।

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बताया कि एनडीए की परीक्षा में जेम्स नाकाम रहा, लेकिन वह एसीसी के लिए तैयारी कर रहा है। जनरल सिंह ने उम्मीद जताई कि जेम्स भी अपने भाई कुलजीत की तरह एक दिन जरूर सैन्य अधिकारी बनेगा।

वार्ता को कमजोरी न समझे कोई: एंटनी
पड़ोसी मुल्कों से सीमा विवादों का समाधान वार्ता से हो सकता है, लेकिन शांति की नीति को हमारी कमजोरी न समझी जाए। सीमा विवादों से निपटने में भारतीय सेना पूरी तरह सक्षम है।
- एके एंटनी, रक्षा मंत्री

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