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पॉलीटेक्निक के इंजीनियर्स बनाएंगे बोतल और ढक्कन
मो. यामीन अंसारी/ अमर उजाला, सितारगंज
Updated Fri, 05 May 2017 01:30 PM IST
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इंजीनियर
- फोटो : Demo Pic
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राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज के छात्रों को अब इंजीनियरिंग के बाद स्थानीय उद्योगों में सीधे नौकरी मिलेगी। कालेज ने उद्योग की मदद से छात्रों को आईएमएम मशीन का प्रशिक्षण देने की पहल की है। इस मशीन के माध्यम से पॉली इंजीनियर्स कालेज में ही बोतल और ढक्कन बनाए जाएंगे। सिडकुल की श्री साईं इंडस्ट्रीज बच्चों को रॉ-मैटेरियल उपलब्ध कराएगी। हर साल करीब 40 इंजीनियर्स मशीनों का प्रशिक्षण लेने के बाद उद्योगों में नौकरी पर लगेंगे।
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औद्योगिक नगरी सिडकुल में स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज में रबर एंड प्लास्टिक, कैमिकल और इलैक्ट्रिकल्स ट्रेड की शिक्षा दी जाती है। प्रत्येक ट्रेड में करीब 40 सीटें हैं। इन ट्रेडों के छात्रों को कुशल प्रशिक्षण देने के लिए उद्योगों में भेजा जाता है, लेकिन इस बार कालेज ने लगभग 15 लाख की लागत से इंजक्शन मोल्डिंग मशीन लगाई है। इस मशीन पर प्रतिदिन पॉली इंजीनियर बोतल, ढक्कन आदि बनाएंगे।
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इसके लिए सिडकुल की श्री साईं इंडस्ट्रीज द्वारा कालेज को रॉ-मैटेरियल दिया जाएगा। उनके मैटेरियल से तैयार बोतल व ढक्कन साईं इंडस्ट्रीज को ही सप्लाई होंगे। कालेज प्रबंधन के अनुसार पॉली के इंजीनियर्स कालेज से रोजगार का कुशल प्रशिक्षण लेने के बाद सीधे उद्योगों में नौकरी पर लगेंगे। प्रशिक्षण में रबर एंड प्लास्टिक ट्रेड के द्वितीय व तृतीय वर्ष के बच्चे हिस्सा लेंगे। कंपनी द्वारा कालेज की फैकल्टी को मशीन चलाने का एक सप्ताह का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिसके बाद फैकल्टी के सुपरविजन में ये इंजीनियर्स प्रशिक्षित होंगे।
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बच्चों ने बनाया आईएमएम का मेजर प्रोजेक्ट
राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज में रबर एंड प्लास्टिक ट्रेड में शिक्षा ले रहे अंतिम वर्ष के छात्रों ने प्रयोगशाला में मॉडल के रूप में इंजक्शन मोल्डिंग मशीन (आईएमएम) का मेजर प्रोजेक्ट तैयार किया। इस छात्र-छात्राएं गिलास, कटोरी, बोतल और ढक्कन आदि बनाने का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इंजक्शन मोल्डिंग मशीन का मॉडल तैयार कर एक छोटी मशीन बनाई गई है, जिस पर छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। कालेज ने अब 15 लाख की मशीन ली है, जिस पर बोतल व ढक्कन बनाकर फैक्ट्री को सप्लाई किया जाएगा। इसके लिए श्री साईं इंडस्ट्रीज से समझौता हुआ है। यह कंपनी बोतल व ढक्कन बनाने के लिए रॉ-मैटेरियल उपलब्ध कराएगी।
- यू माथुर, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज, सितारगंज