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उत्तराखंड की सियासत: भाजपा के एक और विधायक ने उठाया चुनाव में भितरघात का मुद्दा, फिर मचा हड़कंप
Sat, 19 Feb 2022 08:07 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 19 Feb 2022 08:07 PM IST
सार
लक्सर के विधायक संजय गुप्ता और चंपावत से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े विधायक कैलाश गहतोड़ी के बाद भाजपा में भितरघात का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है।
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पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
चुनाव में भितरघात को लेकर आवाज उठाने वाले भाजपा विधायकों में एक और विधायक केदार सिंह रावत का नाम शामिल हो गया है। पार्टी ने रावत को यमुनोत्री विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। रावत का कहना है कि चुनाव के दौरान उन्हें भी भितरघात का सामना करना पड़ा। पार्टी के ही कुछ लोगों ने उनके खिलाफ काम किया।
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बकौल रावत, वह चुनाव तो जीत जाएंगे, लेकिन जीत का अंतर कम हो जाएगा। रावत से पहले तीन विधायकों का बाहर आ चुका है दर्द यमुनोत्री के भाजपा विधायक केदार सिंह रावत से पहले चुनाव में भितरघात को लेकर भाजपा के तीन विधायकों का दर्द बाहर आ चुका है।
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लक्सर के विधायक संजय गुप्ता ने तो प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर ही सवाल उठा दिए हैं। जबकि काशीपुर के विधायक हरभजन सिंह चीमा ने पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं पर उनके बेटे पार्टी प्रत्याशी त्रिलोक सिंह चीमा के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
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चंपावत के विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी भी पार्टी के ही लोगों पर भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। पार्टी पूछेगी तो नाम बताने को भी तैयार हूं प्रदेश पार्टी कार्यालय पहुंचे भाजपा विधायक केदार सिंह रावत ने कहा कि उनके चुनाव में पार्टी के कुछ लोगों ने उनके खिलाफ काम किया। चुनाव में जनता का भारी उत्साह था। हमारी विधानसभा में अच्छी संख्या में मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। महिलाओं और बुजुर्गों का मोदी जी के प्रति रुझान रहा। मेरी विधानसभा में संगठन में पदों पर बैठे कुछ लोगों ने भितरघात किया है। वरना अंतर ज्यादा बढ़ सकता था। फिर भी थोड़े-बहुत अंतर सीट भाजपा निकालेगी।
उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उनसे पूछेगी तो वह भितरघात करने वालों के नाम बताने को तैयार है। पार्टी की हिदायत का असर नहीं प्रदेश संगठन की ओर से सभी प्रत्याशियों को ताकीद किया गया है कि चुनाव में भितरघात से जुड़ी किसी भी शिकायत को सिर्फ पार्टी फोरम पर ही रखा जाए, लेकिन पार्टी की इस हिदायत का असर दिखाई नहीं दे रहा है।
भाजपा विधायक केदार सिंह रावत पार्टी कार्यालय पहुंचे। लेकिन वहां पार्टी का कोई प्रदेश पदाधिकारी नहीं था। शायद वह चुनाव की रिपोर्ट और भितरघात से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया के समक्ष उनकी व्यथा बाहर आ गई।
कांग्रेस ने कहा, ये हार का डर है चुनाव के बाद भाजपा विधायकों की लगातार भितरघात को लेकर सामने आ रही नाराजगी पर कांग्रेस ने तंज किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व प्रदेश संगठन महामंत्री मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि भाजपा विधायकों की चिंता बता रही है कि उन्हें हार का डर सताने लगा है। प्रदेश की तकरीबन सभी सीटों पर भाजपा का यही हाल है।