उत्तराखंड: आग बुझाने के दौरान सिपाही की दर्दनाक मौत
- पहाड़ी से छिटके पत्थर की चपेट में आने से हुआ घायल
- अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम
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उत्तराखंड के जंगलों में धधक रही आग बुझाने के दौरान चमोली में एक सिपाही की मौत हो गई है। सिपाही आग बुझाने के दौरान पहाड़ी से छिटके पत्थर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए उसे जिला मुख्यालय गोपेश्वर ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
उत्तराखंड के जंगलों में पर काबू पाने के लिए सेना, एनडीआरएफ के साथ उत्तराखंड के जवान भी लगे हैं। थाना चमोली से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह रिपोर्टिंग पुलिस चौकी नंदप्रयाग (चमोली) में तैनात पुलिस जवान पंकज चौहान (26) खैनुरी में आयोजित जांती मेले में अन्य पुलिस कर्मियों के साथ ड्यूटी में गया हुआ था।
सायं पांच बजे मेले से लौटने के बाद सूचना मिलने पर पंकज भी चमोली कस्बे के समीप जंगल में लगी आग बुझाने के लिए गया।
परिजनों को चार लाख और एक आश्रित को सरकारी नौकरी
जंगल की आग बुझाते समय अचानक चट्टान से छिटका एक पत्थर उसके सिर पर जा लगा जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने आनन-फानन में स्थानीय वाहन से लेकर उसे गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के जवान की मौत से जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी और जिलाधिकारी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। पंकज चौहान पुत्र जंयचंद सिंह, देवली पट्टी, गांव रावतस्यूं, श्रीनगर गढ़वाल का रहने वाला था।
राज्यपाल केके पाल ने चमोली के जिलाधिकारी विनोद कुमार को दूरभाष पर सूचित किया कि मृत सिपाही के परिजनों को चार लाख रुपये राहत राशि और एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाएगी।