फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Police should not forget their informers

तकनीक के दौर में अपने मुखबिरों को न भूले पुलिस : अमित शाह

Sat, 07 Oct 2023 11:47 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 07 Oct 2023 11:47 PM IST
विज्ञापन
Police should not forget their informers
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अपराधियों से लड़ने के लिए तकनीक बेहद जरूरी है, लेकिन तकनीक के इस दौर में पुलिस को अपने मुखबिरों को नहीं भूलना चाहिए। इसके लिए पुलिस को चाहिए कि वह बीट को जिंदा करे, परेड को नियमित करे और खबरियों को पुनर्जीवित करे।
विज्ञापन


गृहमंत्री शनिवार को भारतीय अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में 49वीं ऑल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस के उद्घाटन पर बोल रहे थे। उन्होंने देश से आतंकवाद के खात्मे के लिए पुलिस को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। केंद्रीय गृहमंत्री ने इससे पहले सीआईआई की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। वह कई स्टॉल पर गए और पुलिस के लिए जरूरी उपकरणों को देखकर उनके बारे में जानकारी ली। उन्होंने एफआरआई के दीक्षांत सभागार में देशभर के पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया।
विज्ञापन




गृहमंत्री ने कहा कि देश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार बहुत से काम कर रही है। इसके लिए नई-नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को चलाने के लिए अधिकतर काम अब ऑनलाइन किया जा रहा है। फिर वह थानों को जोड़ने वाला सीसीटीएनएस हो, ई-कोर्ट हो या ई-फॉरेंसिक। इससे पुलिस का काम बहुत आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि काउंटर टेररिज्म में जीरो टॉलरेंस स्ट्रेटेजी और जीरो टॉलरेंस एक्शन को आगे बढ़ाते हुए देश से आतंकवाद को जड़ से खत्म करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि राज्यों की पुलिस अन्य सभी सुरक्षा एजेंसी से बेहतर तालमेल बनाए। राष्ट्रीय रक्षा शक्ति विवि और फॉरेंसिक साइंस विवि से पुलिस अपने आप को जोड़े रखे। देश 25 साल बाद आजादी की शताब्दी मना रहा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस वक्त तक देश को हर क्षेत्र में आगे रखने का संकल्प लिया है। यह तभी संभव है जब देश में कानून का राज होगा। तभी आर्थिकी के क्षेत्र में भी अवसर बनेंगे और अन्य क्षेत्रों में भी भय मुक्त माहौल होने के चलते सब काम आसान होगा।






देश के तीनों हॉट स्पॉट में कानून व्यवस्था पहले से बेहतर

गृहमंत्री ने देश के हिंसा के लिहाज से तीन हॉट स्पॉट का भी जिक्र किया। इनमें उन्होंने जम्मू कश्मीर, उत्तर पूर्वी राज्य और वामपंथी उग्रवाद से ग्रसित क्षेत्रों की स्थिति को बताया। उन्होंने कहा कि इन तीनों हॉट स्पॉट में आज कानून व्यवस्था यूपीए के दोनों कार्यकाल से बेहतर स्थिति में है। यूपीए के नौ वर्ष के भीतर इन क्षेत्रों में 33 हजार से अधिक हिंसक घटनाएं हुई थीं। जबकि, मौजूदा सरकार के नौ वर्षों में इन तीनों हॉट स्पॉट में केवल 12 हजार से कुछ अधिक हिंसक घटनाएं हुई हैं। इनमें आतंकवाद और उग्रवाद से लड़ते हुए यूपीए के नौ सालों में 11447 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। जबकि, मौजूदा सरकार के नौ वर्षो में यह आंकड़ा इससे बेहद कम 3240 है।





तारीख पर तारीख से बदनाम नहीं होने देंगे न्याय प्रणाली

गृहमंत्री ने कहा कि अब तक देश की न्याय प्रणाली तारीख पर तारीख के चलते बदनाम थी। कोई भी काम समय पर नहीं होता था। इससे अपराधियों को सजा और पीड़ित को न्याय देर से मिलता था। यह सब अंग्रेजों के जमाने के तीन महत्वपूर्ण कानूनों आईपीसी, सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट में बदलाव न होने के कारण था। मगर सरकार ने अब इसकी भी शुरुआत कर दी है। क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के लिए जरुरी इन तीनों कानूनों में अमूलचूल बदलाव किया जा रहा है। इससे सभी काम तेजी से होंगे। फाेरेंसिक साइंस की भूमिका को और अधिक प्रभावी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed