संवासिनी प्रकरण में मिला अहम सबूत, जंगल से बरामद हुआ भ्रूण
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एसआईटी ने नारी निकेतन में मूक-बधिर संवासिनी के गर्भपात के बाद दबाया गया भ्रूण बरामद कर आरोपी के खिलाफ बड़ा साक्ष्य जुटा लिया है। इस बीच मेडिकल में गर्भपात की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को नेहरू कॉलोनी थाने में नारी निकेतन के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी कस्टडी में संवासिनी से रेप, गर्भपात और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी एसआईटी की राडार पर है।
साक्ष्यों का संकलन पूरा होते ही उसकी किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है। इसके अलावा कई अन्य पर भी कानूनी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। उधर, एसआईटी प्रभारी एसपी अजय सिंह ने तीसरे पहर एसएसपी को अपनी क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी।
अमर उजाला द्वारा उजागर की गई नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी से रेप और गर्भपात की बात पुष्ट हो गई है। 11 दिन से अमर उजाला इसी सच की लड़ाई लड़ रहा था। कई स्तर पर आलोचनाएं भी हुईं, लेकिन आखिरकार जीत सच की हुई। एसआईटी ने मूक बधिर संवासिनी की पहचान करने के बाद बृहस्पतिवार को दूधली गांव के जंगल से भ्रूण भी बरामद कर लिया। भ्रूण का डीएनए मिलान के लिए सैंपल सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस कराएगी भ्रूण के डीएनए फिंगरप्रिंट का मिलान
शुक्रवार सुबह पीड़ित संवासिनी की मेडिकल रिपोर्ट आई तो गर्भपात की पुष्टि हो गई। हालांकि, प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट बृहस्पतिवार शाम को ही पॉजीटिव आ गई थी, लेकिन एसआईटी को दून महिला अस्पताल की रिपोर्ट का इंतजार था।
चिकित्सक से राय-मशविरा के बाद एसआईटी प्रभारी अजय सिंह ने शुक्रवार तीसरे पहर एसएसपी डॉ. सदानंद दाते से मिलकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के बाद कप्तान के आदेश पर एसआईटी दारोगा कृष्णा जायडा ने नेहरू कॉलोनी थाने में नारी निकेतन के अधिकारियों के खिलाफ सरकारी अभिरक्षा में मूक बधिर संवासिनी से दुराचार, गर्भपात और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज करा दिया है।
दस सदस्यीय टीम गठित
संवासिनी का भ्रूण बरामद होने के बाद अब संदिग्ध से उसका डीएनए मिलान कराया जाएगा, जिससे पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक कविता जोशी करेंगी। उनकी मदद के लिए दस सदस्यीय टीम गठित की गई है। जल्द ही मामले में दोषियों को बेनकाब कर दिया जाएगा।
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, देहरादून